जस्टिन ट्रूडो ने दिया इस्तीफा

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जस्टिन ट्रूडो ने दिया इस्तीफा

जस्टिन ट्रूडो को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने भी इस्तीफा दे दिया.

जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है और अब वे तब तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहेंगे जब तक कि नए प्रधानमंत्री का चयन नहीं हो जाता. उनके इस्तीफे के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ ने उन पर इतना दबाव डाला कि वे इसे सहन नहीं कर पाए. इन कारणों में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार की जा रही ट्रोलिंग से लेकर उनकी ही पार्टी के नेताओं की बगावत तक शामिल हैं.

ट्रंप की ट्रोलिंग ने ट्रूडो को खासा परेशान कर दिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ने ट्रूडो को ‘अमेरिका के 51वें राज्य का गवर्नर’ कहकर संबोधित किया था. इसके अलावा, ट्रंप ने कनाडा पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी भी दी थी, जिससे ट्रूडो की कनाडा में काफी आलोचना हुई.

अपनी ही पार्टी के नेताओं की बगावत ने भी ट्रूडो पर दबाव बढ़ा दिया. 2024 के अंतिम महीनों में कई मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया, जिनमें परिवहन मंत्री पाब्लो रोड्रिग्ज, सांसद रैंडी बोइसोनॉल्ट और आवास मंत्री सीन फ्रेजर शामिल थे. सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने भी इस्तीफा दे दिया.

महंगाई और आर्थिक समस्याएं भी ट्रूडो के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा बन गईं. कनाडा में बेरोजगारी दर बढ़कर 6.5 फीसदी तक पहुंच गई थी और घरों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही थीं, जिससे आम जनता ट्रूडो के खिलाफ हो गई. ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा के अंतरराष्ट्रीय संबंध भी बिगड़ते गए. उन्होंने भारत पर खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या का आरोप लगाया और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ बयानबाजी की. नेतन्याहू को लेकर दिए गए उनके बयान ने अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को नाराज कर दिया, जिन्होंने ट्रूडो को चेतावनी दी कि अगर कनाडा ने नेतन्याहू को गिरफ्तार किया तो अमेरिका उनकी अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा. इन सभी घटनाओं ने मिलकर ट्रूडो पर इतना दबाव डाला कि उन्होंने इस्तीफा देना ही उचित समझा.

 

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Author: Red Max Media

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