
असम के दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो में तीन किलो कोयला खदान में हुए हादसे का आज 6वां दिन है। खदान हादसे से अब तीन और लोगों का शव बरामद कर लिया गया है। खदान से अब तक 4 लोगों का शव बरामद किया जा चुका है। पहला शव बुधवार को उमरांगसू की खदान से निकाला गया। बचे हुए मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
’12 साल पहले छोड़ दिया गया था खदान’
हिमंत सरमा ने पहले दावा किया था कि खदान को 12 साल पहले छोड़ दिया गया था और तीन साल पहले तक यह असम खनिज विकास निगम के अधीन था। सरमा ने कहा, यह अवैध खदान नहीं बल्कि परित्यक्त खदान थी। उन्होंने ये भी कहा, ‘मजदूर उस दिन पहली बार कोयला निकालने के लिए खदान में उतरे थे।’
असम खदान बचाव में क्या बाधा आ रही है?
विभिन्न केंद्रीय और राज्य संगठनों और भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों – थल सेना, नौसेना और वायु सेना – की कई टीमें असम में बाढ़ वाली खदान में फंसे मजदूरों को बचाने के अभियान में शामिल हैं।
बचावकर्मियों ने कहा कि उमरांगसू में 3 किलो कोयला खदान में जो पानी घुसा, वह अब गंदा हो गया है क्योंकि यह कोयले के साथ मिल गया है।
खतरे में आई बचाव दल की जान
बचावकर्मियों ने आगे कहा, इसने नौसेना की टीम के लिए भी दृश्यता और गतिशीलता को बहुत कठिन बना दिया है, जिसमें गहरे गोता लगाने और पुनर्प्राप्ति कार्यों में ट्रेनड क्लीयरेंस गोताखोर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बचाव दल के गोताखोरों को शव को बाहर निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ी, जो उन्होंने बुधवार को किया।








