
अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ का जिक्र कई बार कर चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने उच्च टैरिफ वाले देशों की श्रेणी में भारत का नाम भी शामिल किया है। लेकिन अब भारत, अमेरिका से आयात करने वाले कुछ महंगे सामानों के टैरिफ में कटौती कर सकता है।
समझें क्या है टैरिफ
दरअसल, टैरिफ दूसरे देशों से एक्सपोर्ट किए गए प्रोडक्ट्स पर लगाया जाने वाला टैक्स है। इसे घटा-बढ़ाकर ही देश आपस में व्यापार को कंट्रोल करते हैं। प्रोडक्ट्स इम्पोर्ट करने वाला देश टैरिफ इसलिए लगाता है, ताकि बाहर से आए सामान के मुकाबले देश में बने सामान की कीमत कम रह सके। टैक्स की तय दर से ज्यादा टैरिफ ना लगाया जा सके, इसके लिए सभी देश विश्व व्यापार संगठन के साथ बातचीत कर एक बाउंड रेट तय करते हैं।
ट्रंप के निशाने पर चीन, ब्राजील और भारत
बता दें कि, भारत अमेरिका से 20 ऐसे सामान आयात करता है जिन पर 100 प्रतिशत से अधिक शुल्क लगता है। खास बात यह है कि कि भारत की टैक्स में कटौती की खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और ब्राजील को ‘जबरदस्त टैरिफ मेकर्स’ बताया है। ट्रंप पहले भी कई बार व्यापारिक संतुलन को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। उनकी रणनीति दूसरे देशों से आने वाले सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
टैरिफ से बदल जाएंगी चीजें
गौर करने वाली बात यह भी है कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। अमेरिका भारत के बड़े कारोबारी साझेदारों में एकमात्र देश है, जिससे भारत का व्यापार घाटा नहीं है। यानी भारत अमेरिका में अपना सामान बेचता ज्यादा है और खरीदता कम है। अब ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी के तहत भारत के खिलाफ टैरिफ लगाया तो हालात जरूर बदलेंगे। अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी को लेकर ट्रंप किस कदर उत्साहित हैं यह उनके फैसलों में नजर भी आ रहा है।
जवाब देगा अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी कई मौकों पर साफ किया है कि अगर कोई देश अमेरिकी सामान पर ज्यादा टैरिफ लगाता है, तो अमेरिका भी उसी तरह का जवाब देगा। अब अगर भारत अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करता है, तो यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने वाली बात होगी। सभी की नजरें आगामी बजट पर टिकी हैं, जहां इसे लेकर आधिकारिक घोषणा हो सकती है।








