
जयपुर-अजमेर हाईवे पर पिछले साल दिसंबर में टैंकर और ट्रक के बीच हुई टक्कर में ड्राइवरों की गलती के साथ ही सड़क सुरक्षा उपायों की अनदेखी, दोषपूर्ण रोड डिजाइनिंग और हाईवे तक अव्यावहारिक सीधी पहुंच की अनुमति देने का भी योगदान था।
20 दिसंबर की सुबह लगभग साढ़े पांच बजे अनुचित यू-टर्न पर मुड़ रहे गैस टैंकर की विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से भिड़ंत हो गई थी, इससे भयानक आग लगी। इस हादसे में 18 लोगों की मौके पर ही और दो अन्य की अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। यह जगह औपचारिक रूप से भले ही ब्लैक स्पॉट के रूप में न गिना गया हो, लेकिन पिछले तीन साल में 29 हादसों के बाद यहां जोखिम का स्तर बहुत ऊंचा था, जिसे नजरअंदाज किया गया।
आईआरटीई ने मंत्रालयों को भेजी सिफारिशें
फरीदाबाद स्थित इंस्टीट्यूट आफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आइआरटीई) ने इस हादसे की जांच के बाद अपने निष्कर्ष पेश किए हैं और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क परिवहन और पेट्रोलियम मंत्रालय से कानून में संशोधन की सिफारिश की है।
- आइआरटीई ने सुझाव दिया है कि एलपीजी जैसी खतरनाक सामग्री को ढोने वाले टैंकरों-ट्रकों की बेहतर निगरानी की जाए और उनके ड्राइवरों के लिए सहायक का होना अनिवार्य किया जाए।
- जांच में यह भी सामने आया कि टैंकर का अनिवार्य फिटनेस परीक्षण नहीं किया गया था और उसमें सुरक्षा के मानक (साइड अंडर रन प्रोटेक्शन) सही नहीं थे।
- इंस्टीट्यूट ने वाहनों की गति नियंत्रित करने और नियमों के अनुरूप करने के लिए पुलिस को एनएचएआइ के साथ मिलकर सतत निगरानी करने का सुझाव दिया है।
- आइआरटीई द्वारा तैयार आरोपपत्र में सड़क अधिकारियों, ठेकेदारों, कंसलटेंटों और कंसेसनरों को अपने काम में लापरवाही के लिए आरोपित किया गया है।
आइआरटीई ने बुधवार को इस दुर्घटना के संदर्भ में एक मॉक ट्रायल का आयोजन किया, जिसमें पुडुचेरी की पूर्व राज्यपाल किरण बेदी ने जज के रूप में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं। जयपुर पुलिस ने अभी इस दुर्घटना पर चार्जशीट दाखिल नहीं की है, लेकिन राजस्थान के परिवहन मंत्री ने विधानसभा में इस हादसे के लिए टैंकर के ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराया था।
फरीदाबाद स्थित इंस्टीट्यूट आफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आइआरटीई) ने इस हादसे की जांच के बाद अपने निष्कर्ष पेश किए हैं और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क परिवहन और पेट्रोलियम मंत्रालय से कानून में संशोधन की सिफारिश की है।
- आइआरटीई ने सुझाव दिया है कि एलपीजी जैसी खतरनाक सामग्री को ढोने वाले टैंकरों-ट्रकों की बेहतर निगरानी की जाए और उनके ड्राइवरों के लिए सहायक का होना अनिवार्य किया जाए।
- जांच में यह भी सामने आया कि टैंकर का अनिवार्य फिटनेस परीक्षण नहीं किया गया था और उसमें सुरक्षा के मानक (साइड अंडर रन प्रोटेक्शन) सही नहीं थे।
- इंस्टीट्यूट ने वाहनों की गति नियंत्रित करने और नियमों के अनुरूप करने के लिए पुलिस को एनएचएआइ के साथ मिलकर सतत निगरानी करने का सुझाव दिया है।
- आइआरटीई द्वारा तैयार आरोपपत्र में सड़क अधिकारियों, ठेकेदारों, कंसलटेंटों और कंसेसनरों को अपने काम में लापरवाही के लिए आरोपित किया गया है।
आइआरटीई ने बुधवार को इस दुर्घटना के संदर्भ में एक मॉक ट्रायल का आयोजन किया, जिसमें पुडुचेरी की पूर्व राज्यपाल किरण बेदी ने जज के रूप में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं। जयपुर पुलिस ने अभी इस दुर्घटना पर चार्जशीट दाखिल नहीं की है, लेकिन राजस्थान के परिवहन मंत्री ने विधानसभा में इस हादसे के लिए टैंकर के ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराया था।
आइआरटीई के प्रमुख और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ रोहित बलूजा ने कहा कि जब वैज्ञानिक तरीके से बड़े हादसे की तह में जाने की कोशिश की जाती है तो असली तस्वीर सामने आती है। सड़क दुर्घटनाओं की जड़ में पुलिस की कामचलाऊ जांच, हाईवे की निगरानी का अभाव, खराब रोड डिजाइनिंग, असुरक्षित वातावरण और इन्फोर्समेंट में बड़ी कमी है। किरण बेदी ने भी अपने निष्कर्ष में एनएचएआइ के रोड इंजीनियर को कठघरे में खड़ा करने की जरूरत रेखांकित की।
एक रोज पूर्व लगातार 16 घंटे वाहन चलाया था
टैंकर ड्राइवर ने जांच टीम की रिपोर्ट साझा करते हुए बलूजा ने कहा कि टैंकर के ड्राइवर ने दुर्घटना के एक दिन पहले यानी 19 दिसंबर को 16 घंटे वाहन चलाया था और केवल छह घंटे का ब्रेक लिया था। मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर एक्ट के मुताबिक कोई ड्राइवर आठ घंटे से अधिक वाहन नहीं चला सकता।
टैंकर में कोई सहायक नहीं था, जो यू-टर्न के समय दूर वाले छोर पर सामने से आ रहे वाहन के प्रति आगाह करता। हादसे वाली जगह पर यू-टर्न पर सड़क का कर्व 12.2 मीटर का था, जबकि इसे कम से कम 13.8 मीटर होना चाहिए था। यू-टर्न पर ट्रैफिक सिगनल के नाम पर केवल एक सिगनल था, जो पूरी सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए कतई पर्याप्त नहीं था। हादसे के बाद एनएचएआइ ने इससे इंकार किया था कि यह यू-टर्न उसकी ओर से गलत तरीके से खोला गया।








