
पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी जेसिका एबर अपने घर में मृत पाई गईं। वह वर्जीनिया के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की अटॉर्नी थीं और ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद जनवरी में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी अचानक मौत से कानूनी बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने फिलहाल किसी साजिश की संभावना से इनकार किया है लेकिन उनकी मौत की जांच जारी है।
कानूनी महकमे में एबर की अहमियत
बेहतरीन कानूनी करियर और उपलब्धियां
जेसिका एबर को न्याय व्यवस्था में उनके योगदान के लिए कई सम्मान मिले। 2019 में, उन्हें अमेरिकी न्याय विभाग से ‘असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल्स अवॉर्ड फॉर एक्सेप्शनल सर्विस’ प्रदान किया गया था।
उन्होंने 2009 में ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वर्जीनिया में असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्होंने वित्तीय धोखाधड़ी, सार्वजनिक भ्रष्टाचार, हिंसक अपराध और बाल शोषण से जुड़े मामलों की देखरेख की।
2015 में, उन्हें न्याय विभाग के क्रिमिनल डिवीजन में असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल के काउंसल के रूप में नियुक्त किया गया। इसके बाद, वह 2016 में EDVA में वापस आईं और 2021 में उन्हें राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा अमेरिकी अटॉर्नी के रूप में नामित किया गया।
मौत का कारण अब तक अज्ञात
एबर की मौत के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इस मामले में सभी संभावनाओं की जांच कर रही है। उनका परिवार, दोस्त और सहयोगी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
उनके योगदान और प्रतिबद्धता को याद करते हुए, कानूनी बिरादरी ने कहा कि एबर जैसी शख्सियत को खोना “न भरने वाली क्षति” है। उनके सम्मान में कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं जाहिर कर रहे हैं।








