बांग्लादेश में हो सकता तख्तापलट?

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बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार उज जमान

बांग्लादेश में उथल-पुथल का दौर जारी है। यहां एक बार फिर तख्तापलट की अफवाहें तेज हो गई हैं। सेना प्रमुख वकार उज जमान ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक भी की है।

बांग्लादेश में एक बार फिर तख्तापलट की अफवाहों का बाजार गर्म है। आशंका जताई जा रही है कि आर्मी मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार का तख्तापलट कर शासन की बागडोर अपने हाथ में ले सकती है। चर्चा इस बात की भी है कि सेना प्रमुख  वकार उज जमान ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक भी की है। सेना प्रमुख ने आतंकवादी हमलों के खिलाफ भी चेतावनी दी है और देश में सतर्कता और सुरक्षा बढ़ाने का आह्वान किया है। सतर्कता और सुरक्षा बढ़ाने की बात को भी तख्तापलट से जोड़कर देखा जा रहा है।

सेना प्रमुख ने गलत जानकारी देने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है और देश की सेवा निष्ठा, समर्पण से करने के लिए सैन्य कर्मियों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सेना प्रमुख ने यह बातें ढाका कैंटोनमेंट में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही हैं। खास बात है कि इस बैठक में सेना के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

छात्र नेता ने किया बड़ा दावा

सेना प्रमुख ने चेतावनी इस वजह से दी  है क्योंकि छात्रों की पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक हसनत अब्दुल्ला ने हाल ही में दावा किया था कि सेना अवामी लीग को फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रही है। एनसीपी द्वारा ढाका विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान अब्दुल्ला के सैकड़ों समर्थकों ने सेना प्रमुख के खिलाफ नारे लगाए थे और मांग की थी कि हसीना और उनके ‘साथियों’ को मुकदमे के बाद फांसी पर लटका दिया जाए। अब्दुल्ला ने यह भी दावा किया था कि भारत के इशारे पर अवामी लीग को पुनर्स्थापित करने की साजिश चल रही है।

ढाका में बुलाए गए सैनिक?

दावा किया जा रहा है कि सेना ने राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहनों और बड़ी संख्या में सैनिकों को बुलाया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश की सेना और हसीना विरोधी आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठन स्टूडेंट अगेंस्ट्र डिस्क्रिमिनेशन के बीच संबंधों में दरार की खबरें आई है।

भड़का छात्रों का गुस्सा

पिछले साल पांच अगस्त को बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद मोहम्मद यूनुस सरकार को अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया गया था। वह कुछ ही महीनों के लिए अंतरिम सरकार के प्रमुख बने थे। दावा किया गया था कि अगले कुछ महीनों में चुनाव कराया जाएगा लेकिन आठ महीने बाद भी चुनाव नहीं कराने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। बांग्लादेश में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और मोहम्मद यूनुस सरकार के खिलाफ आवाजें भी उठने लगी है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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