भारत ने स्वदेशी मिसाइल VLSRSAM का सफल परीक्षण

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मिसाइल का सफल परीक्षण
परीक्षण के दौरान मिसाइल ने बहुत नज़दीकी सीमा पर लक्ष्यों को भेदने के लिए आवश्यक उच्च टर्न रेट को निष्पादित करके लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
भारत ने बुधवार को ओडिशा तट पर चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से स्वदेशी रूप से विकसित कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा सूत्रों ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने वीएलएसआरएसएएम के परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ और नौसेना को दी बधाई

एक अधिकारी ने बताया कि इस परीक्षण के तहत एक भूमि-आधारित लंबवत प्रक्षेपक से दागी गई मिसाइल से बहुत ही कम दूरी और सीमित ऊंचाई पर स्थित उच्च गति वाले हवाई लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय नौसेना और संबंधित उद्योग को बधाई दी। उन्होंने इस मिसाइल प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास में भारत की मजबूत डिजाइन और विकास क्षमताओं का प्रमाण बताया। उन्होंने भारतीय नौसेना के लिए एक बल गुणक के रूप में इसकी भूमिका पर भी जोर दिया।

डीआरडीओ के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान एवं विकास सचिव डॉ समीर वी कामत ने शामिल टीमों को बधाई दी और कहा कि आधुनिक तकनीकों से लैस यह मिसाइल सशस्त्र बलों की तकनीकी बढ़त को और मजबूत करेगी।

 

 

टेस्ट में मिसाइल उम्मीदों पर खड़ी उतरी

जानकारी के अनुसार, डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने 26 मार्च को दोपहर 12 बजे ओडिशा के तट पर देश में ही विकसित वर्टिकल-लॉन्च्ड शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (वीएलएसआरएसएएम) का टेस्ट किया। यह परीक्षण एक भूमि-आधारित वर्टिकल लॉन्चर से बहुत ही नज़दीकी सीमा और कम ऊंचाई पर हाई स्पीड वाले हवाई लक्ष्य को टारगेट करके किया गया। सभी हथियार प्रणाली तत्वों को एक लड़ाकू विन्यास में तैनात करके किया गया था। इनमें स्वदेशी रेडियो फ़्रीक्वेंसी सीकर से लैस मिसाइल, साथ ही एक मल्टी-फंक्शन रडार और हथियार नियंत्रण प्रणाली शामिल थी, जिनमें से सभी ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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