
गुजरात उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में आसाराम को तीन महीने की अस्थायी जमानत दी। यह जमानत चिकित्सा के आधार पर दी गई है। आसाराम ने 6 महीने के लिए जमानत की मांग की थी। आसाराम को 2013 के बलात्कार मामले में सत्र न्यायालय द्वारा 2023 में दोषी ठहराया गया और वह आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
नाबालिक से यौन दुराचार के मामले में जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम को सूरत रेप केस में गुजरात हाई कोर्ट से 3 महीने की अंतरिम जमानत मिली है।
गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने तीन महीने की अंतरिम जमानत को बढ़ाया है। आसाराम की ओर से पहले राजस्थान हाई कोर्ट में जमानत याचिका के लिए आवेदन किया गया था, राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट में जाने को कहा था । इस पर जोधपुर से ये याचिका विड्रॉ हो गई थी।
6 महीने की अंतरिम जमानत की याचिका में की थी मांग
आसाराम की ओर से गुजरात हाईकोर्ट में 6 महीने की अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी । इस याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट में 25 मार्च को जज इलेश जे वोरा और संदीप एन भट्ट की बेंच में सुनवाई हुई , लेकिन दोनों जजों की अलग-अलग राय होने के कारण सहमति नहीं बन पाई ,इसके बाद यह मामला गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को ट्रांसफर किया गया था। गुजरात सीजे ने 3 महीने की जमानत याचिका को स्वीकार किया।
इस फैसले के बाद अब आसाराम की ओर से जोधपुर रेप केस में भी अंतरिम जमानत को बढ़ाने को लेकर याचिका दायर की जाएगी। दरअसल , आसाराम पर गुजरात के गांधीनगर और राजस्थान के जोधपुर में रेप के मामले दर्ज है । दोनों ही मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है । गुजरात से जुड़े केस में उसे 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिली थी । इसके बाद 14 जनवरी को जोधपुर मामले में भी 31 मार्च तक जमानत मिली थी ।
Author: Red Max Media
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