विवादों में फंसी सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

विवादों में फंसी मोहनलाल की फिल्म

केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने फिल्म एल2-एम्पुरान को न देखने का ऐलान किया है क्योंकि फिल्म में 17 कट्स किए गए हैं और फिर से सेंसोरशिप से गुजर रही है। उन्होंने फिल्म में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर दिखाने की आलोचना की। विवाद तब शुरू हुआ जब फिल्म में 2002 गुजरात दंगों का संदर्भ और केंद्रीय एजेंसियों का नकारात्मक चित्रण किया गया जिससे कई RSS नेताओं ने विरोध जताया।

केरल बीजेपी के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने हाल ही में रिलीज़ हुई मलयालम फिल्म ‘एल2- एम्पुरान’ को न देखने का ऐलान किया है। इस फिल्म में सुपरस्टार मोहनलाल मुख्य भूमिका में हैं और इसे अभिनेता-निर्देशक पृथ्वीराज सुकुमारन ने डायरेक्ट किया है। 

यह फिल्म ‘लुसिफर’ का सीक्वल है, जो 2019 में ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। हालांकि, फिल्म को लेकर विवाद खड़े होने के बाद चंद्रशेखर ने यह फैसला लिया।
राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ‘लुसिफर’ फिल्म देखी थी और उन्हें वह पसंद आई थी। ‘एम्प्यूरान’ का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें यह पता चला कि फिल्म निर्माताओं ने फिल्म में 17 कट्स किए हैं और इसे फिर से सेंसोरशिप से गुजरना पड़ा है।
उन्होंने इस बदलाव की आलोचना करते हुए कहा, “किसी फिल्म को इतिहास के रूप में नहीं देखा जा सकता। अगर फिल्म सच्चाई को तोड़मरोड़कर पेश करके कहानी बनाती है, तो वह सफल नहीं हो सकती।”
गुजरात दंगों का संदर्भ और विवाद 

बता दें, फिल्म के रिलीज के बाद विवाद सामने आया, जब दर्शकों ने फिल्म में 2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में कुछ दृश्यों को लेकर आपत्ति जताई। कई वरिष्ठ RSS नेता, जैसे जे. नंदकुमार और ए. जयकुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी नापसंदीदी जाहिर की। 

इसके बाद केरल में RSS से जुड़े विभिन्न संगठनों ने भी फिल्म की आलोचना की। फिल्म में दिखाए गए केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे NIA, IB और ED के खिलाफ नकारात्मक चित्रण पर भी सवाल उठाए गए। 

बदला जाएगा फिल्म में विलेन का नाम 

सूत्रों के अनुसार, फिल्म अब फिर से सेंसोरशिप से गुजर रही है, जिसमें 17 कट्स किए गए हैं। फिल्म के खलनायक का नाम ‘बाबा बजरंगी’ बदला जाएगा और उन दृश्यों को भी हटाया जाएगा, जिनमें केंद्रीय जांच एजेंसियों को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है।

फिल्म निर्माताओं द्वारा किए गए बदलावों को लेकर विवाद और बढ़ गया है और अब क्षेत्रीय सेंसोर बोर्ड के सदस्यों पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने इसमें लापरवाही बरती।
Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें