
तेलंगाना सरकार की 400 एकड़ जमीन पर परियोजनाएं विकसित करने की योजना के खिलाफ हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों ने विरोध किया। पुलिस ने छात्रों और शिक्षकों की इस रैली को रोका, जबकि सरकार ने कहा कि यह उसकी जमीन है।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी की सीमा से लगे कांचा गचीबोवली में 400 एकड़ जमीन पर कई परियोजनाएं विकसित करने की तेलंगाना सरकार की योजना का विरोध तेज होता जा रहा है। सरकार के इस प्रोजेक्ट के खिलाफ हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों ने बुधवार को एक रैली निकाली जिसे पुलिस ने रोक दिया। यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद शिक्षक संघ ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आंबेडकर सभागार से पूर्वी परिसर तक एक रैली का नेतृत्व किया। छात्रों के मुताबिक, पुलिस ने पूरे पूर्वी कैंपस में बैरिकेड्स लगा दिए, जबकि घटनास्थल को खाली कराने के लिए भारी मशीनरी तैनात की गई है।
पुलिस ने छात्रों और शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोका और ‘हल्का बल’ प्रयोग करके उन्हें तितर-बितर कर दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा ‘पुलिस वापस जाओ’ के नारे लगाए गए। प्रदर्शन कर रहे एक छात्र ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने छात्रों और शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया। हालांकि पुलिस के एक अधिकारी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा,‘उन्हें रैली निकालने से रोका गया।’ हैदराबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी कि UOHSU और इससे संबद्ध अन्य संघों तथा दलों ने यूनिवर्सिटी कैंपस से पुलिसकर्मियों और बुलडोजरों को हटाने की मांग करते हुए एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन और कक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया था।
‘सरकार ने यूनिवर्सिटी की एक इंच भी जमीन नहीं ली’
बता दें कि तेलंगाना सरकार 400 एकड़ जमीन पर IT प्रतिष्ठान और अन्य प्रोजेक्ट बनाना चाहती है जबकि पर्यावरण पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर कई लोग विरोध कर रहे हैं। सरकार ने सोमवार को दावा किया कि यह जमीन उसकी है, यूनिवर्सिटी की नहीं, जिसके बाद हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों का विरोध-प्रदर्शन और उग्र हो गया। हालांकि, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने सरकार के इस दावे का खंडन किया कि संबंधित भूमि की सीमा को अंतिम रूप दे दिया गया है। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मंगलवार को कहा था कि सरकार ने यूनिवर्सिटी की एक इंच भी जमीन नहीं ली है। ये दोनों नेता हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं।








