
जम्मू कश्मीर में सरकारी पद पर काम कर रहे दो कर्मचारियों का संबंध आतंकवादियों से होने की वजह से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि आगे की कार्रवाई जारी है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवादी संबंधों के चलते दो सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। जानकारी के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश सरकार के दो कर्मचारियों, वरिष्ठ सहायक इश्तियाक अहमद मलिक और सहायक वायरलेस ऑपरेटर बशरत अहमद मीर को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के चलते बर्खास्त कर दिया गया। बता दें कि बशरत को 2010 में पुलिस कांस्टेबल ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया गया था और वह 2017 तक जम्मू-कश्मीर पुलिस की विभिन्न इकाइयों में तैनात रह चुका है। वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के अनुसार, रामनगर पुलिस थाना क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान के दौरान गांव जोफर में आतंकवादियों के होने की सूचना मिली। सुरक्षाबलों को देखते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इलाके में 2-3 आतंकियों के होने की सूचना है। फिलहाल दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है।
सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी
उधमपुर पुलिस ने ‘एक्स’ पर बताया, ‘‘पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान के दौरान उधमपुर के रामनगर थाना क्षेत्र के जोफर गांव में तीन आतंकवादियों से मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी जारी है। बता दें कि कठुआ जिले के सनयाल इलाके में 24 मार्च को अभियान शुरू होने के बाद से तीन मुठभेड़ के बाद पिछले 17 दिन से पुलिस और सुरक्षा बल एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने वाले आतंकवादियों पर नजर रख रहे हैं। गत 27 मार्च को इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गये थे और चार पुलिसकर्मी शहीद हो गये थे।
सुरक्षाबलों ने बढ़ाई निगरानी
वहीं, जम्मू कश्मीर में बर्फ पिघलने और पहाड़ी दर्रे खुलने के साथ ही सेना ने चेनाब घाटी में आतंकवादियों की घुसपैठ के प्रयास को विफल करने और शांति बनाए रखने के मकसद से डोडा जिले के घने वन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाने के बीच भद्रवाह घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पिछले महीने आतंकवादी यहां अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर कठुआ जिले में घुसपैठ करने में सफल रहे थे। पिछले एक वर्ष में कठुआ, पाकिस्तान के आतंकवादियों के लिए उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ जिलों के ऊपरी इलाकों तक पहुंचने में एक प्रमुख घुसपैठ मार्ग के रूप में उभरा है।








