द अरन्या के सेल्स आफिस में ईडी की छापेमारी

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ईडी के हाथ लगे कई अहम दस्तावेज
नोएडा के सेक्टर 119 में उन्नति फार्च्यून होल्डिंग डेवलपर के द अरन्या प्रोजेक्ट पर ईडी ने 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संदेह में छापेमारी की। आरोप है कि बैंक से सेटलमेंट के बाद फ्लैटों को दोबारा बेचा गया। बिना बिके फ्लैटों को दोगुनी कीमत पर बेचने की जानकारी मिलने पर यह कार्रवाई की गई। ईडी ने डेस्कटॉप और जरूरी दस्तावेज जब्त किए।

बैंक से सेटलमेंट कर दोबारा फ्लैट बेचने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्नति फार्च्यून होल्डिंग डेवलपर के सेक्टर-119 स्थित द अरन्या परियोजना समेत नोएडा के अन्य ठिकानों पर छापेमारी की।

बृहस्पतिवार की सुबह हुई छापेमारी शाम पांच बजे तक चली। 200 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी आशंका जताई है। यह परियोजना नेशनल ला ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में है। बिना बिके फ्लैट को दोगुनी कीमत पर बेचने की जानकारी मिलने पर ईडी ने छापेमारी की।

 

इसमें इंटरिम रिजोल्यूशन प्रफेशनल (आईआरपी) की भूमिका की भी जांच हो रही है। छापेमारी के दौरान ईडी ने डेस्कटॉप, लैपटॉप और जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं।

 

2019 में दिवालिया हो चुकी द अरन्या परियोजना
बता दें द अरन्या परियोजना वर्ष 2019 में दिवालिया हो चुकी है। बिल्डर परियोजना में 1150 फ्लैट हैं। करीब 950 फ्लैटों में लोग रह रहे हैं। हालांकि, रजिस्ट्री एक भी खरीदार के पक्ष में नहीं हुई है। शेष 200 अभी खाली हैं। दिवालिया प्रक्रिया के दौरान इन फ्लैट के खरीदारों ने एनसीएलटी में क्लेम फाइल नहीं किया। 

परियोजना में आईआरपी की नियुक्ति हुई। जिन खरीदारों ने क्लेम फाइल नहीं किया उनका बिल्डर ने बैंक से सेटलमेंट किया। तीन से चार लाख रुपये में फ्लैट को चमकाकर 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक की कीमत में बेचा गया। इसका कोई रिकार्ड भी नहीं दिया। 

50 फ्लैट को इस तरह से बेच चुका
वहीं, खरीदारों के अनुसार, बिल्डर करीब 50 फ्लैट को इस तरह से बेच चुका है। अन्य फ्लैट को बेचने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में ईडी ने सक्रियता दिखाई और द अरन्या सोसायटी के सेल्स आफिस में छापेमारी की। ईडी अधिकारियों ने आइआरपी को सूचना देकर मौके पर बुलाया। 

सोसायटी में रही हलचल

भारी सुरक्षा और जवानों के साथ बृहस्पतिवार की सुबह द अरन्या सोसायटी के सेल्स आफिस में ईडी ने रेड की। रेड की सूचना पर सोसायटी के लोग जुटना शुरू हो गए। रेड के बारे में लोग समझ चुके थे। सोसायटी में हलचल रही। ईडी अधिकारियों से कार्रवाई का विवरण और अपने साथ हुई धोखाधड़ी को बताने के लिए लोगों ने घंटों तक बाहर इंतजार किया। कार्रवाई के बारे में ईडी ने लोगों को कोई जानकारी नहीं दी।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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