
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि ट्रेनिंग के दौरान जवानों का व्यवहार संदिग्ध नजर आया। ऐसे में उनका डोप टेस्ट किया गया। इसमें फेल होने पर उन्हें घर भेज दिया गया है।
पंजाब के होशियारपुर में छह पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग पूरी होने से पहले ही घर भेज दिया गया है। जहानखेलां स्थित पुलिस भर्ती ट्रेनिंग केंद्र (पीआरटीसी) के छह प्रशिक्षु जवानों का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। इसके बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पीआरटीसी के कमांडेंट द्वारा जारी पत्र के अनुसार, बैच संख्या 270 के ट्रेनी जवानों को ट्रेनिंग से मुक्त कर दिया गया है।
पत्र में कहा गया है कि ट्रेनिंग के दौरान उनके संदिग्ध व्यवहार के बाद 21 मई को सिविल अस्पताल में डोप टेस्ट कराया गया था। जिन जवानों को ट्रेनिंग से हटाया गया है, वे सभी पटियाला, तरनतारन और लुधियाना के हैं।
संदिग्ध हरकतों के बाद हुआ टेस्ट
पुलिस आयुक्त लुधियाना और पटियाला तथा तरनतारन जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को संबोधित पत्र में कहा गया है कि उनके व्यवहार से गंधहीन नशीले पदार्थों के उपयोग का संकेत मिलता है, जिसके कारण अधिकारियों को डोप टेस्ट के लिए प्रेरित किया गया। होशियारपुर के सिविल सर्जन ने अपने पत्र में पीआरटीसी अधिकारियों को डोप टेस्ट के सकारात्मक परिणामों की पुष्टि की।
सभी 6 जवानों को घर भेजा गया
पत्र में कहा गया है कि ट्रेनिंग कर रहे सभी छह जवानों को कोर्स पूरा किए बिना ही ट्रेनिंग से मुक्त कर दिया गया है और उन्हें उनके गृह जिलों में वापस भेज दिया गया है। साथ ही उनके नाम बैच संख्या 270 से आधिकारिक तौर पर हटा दिए गए हैं।
पंजाब में नशा बड़ी समस्या
पंजाब में नशे की लत बड़ी समस्या रही है। इससे निपटने के लिए सरकार की तरफ से लगातार प्रयास होते रहे हैं। हालांकि, सरकार के प्रयास अब तक सफल होते नहीं दिख रहे हैं। कई मामलों में पुलिसकर्मी ही नशे के कारोबार में लिप्त पाए गए हैं। इस साल पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार और नशा तस्करी से संबंधित मामलों में 100 से अधिक पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।








