
उत्तर प्रदेश सरकार ने मोनाश यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता किया है जिससे राज्य की उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में हुए इस समझौते का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों की क्षमता बढ़ाना प्रशिक्षण देना और संयुक्त शोध को प्रोत्साहित करना है। इससे प्रदेश के युवाओं को वैश्विक शिक्षा का अवसर मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होंगे।
शिक्षा में समग्र सोच को मिलेगा बल
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा मनुष्य की मूलभूत ज़रूरत हैं। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में हम इस दिशा में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते, उन्हें अब घर बैठे अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सकेगी। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी के कुलपति सहित आस्ट्रेलियाई राजदूत और मोनाश यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर उपस्थित रहे।
मोनाश यूनिवर्सिटी: वैश्विक शिक्षा का प्रतिष्ठित केंद्र
मोनाश यूनिवर्सिटी की स्थापना 1958 में मेलबर्न, विक्टोरिया में हुई थी। इसका नाम प्रथम विश्व युद्ध के प्रतिष्ठित आस्ट्रेलियाई जनरल सर जान मोनाश के नाम पर रखा गया है। यह विश्वविद्यालय विश्व के शीर्ष 100 शिक्षण संस्थानों में शामिल है और यहां करीब 86 हजार छात्र पढ़ते हैं। भारत में इसकी उपस्थिति पहले से है आइआइटी बांबे के साथ मोनाश रिसर्च अकादमी के ज़रिए यह उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों में संलग्न है। इसमें स्वच्छ ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, विज्ञान और नैनोटेक्नोलाजी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पीएचडी करवाई जाती है।
प्रदेश को होंगे ये फायदे
- प्रदेश के 30 हजार से अधिक शिक्षक नियमित ट्रेनिंग से लाभान्वित होंगे।
- पीएम श्री और कंपोजिट विद्यालयों के बच्चों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
- एआइ, जलवायु परिवर्तन, क्वालिटी एजुकेशन जैसे विषयों में शिक्षक और छात्र विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।
- गौतमबुद्ध नगर यूनिवर्सिटी इस पहल का केंद्र होगी, जिससे यूपी को विशेष लाभ मिलेगा।
- सीएम कंपोजिट व पीएम श्री स्कूलों के बच्चों को वैश्विक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा।








