
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपराधियों और आतंकवादियों पर इस बार नरमी बरतने के लिए जाने जाने लगे हैं। लश्कर के पूर्व आतंकवादी को ह्वाइट हाउस के एडवाइजरी बोर्ड में शामिल करने और सीरिया पर से बैन हटाने के बाद अब ट्रंप ने कई अमेरिकी अपराधियों की सजा को माफ कर दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में आतंकियों और अपराधियों पर काफी अधिक नरम रुख रख रहे हैं। लिहाजा वह लगातार आतंकियों और अपराधियों की सजा को माफ करते जा रहे हैं। ताजा मामले में राष्ट्रपति ट्रम्प ने बुधवार को न्यूयॉर्क के पूर्व सांसद व कनेक्टिकट के पूर्व गवर्नर और लोकप्रिय रैपर ‘एनबीए यंगबॉय’, एक मजदूर नेता समेत कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षा नियम तोड़ने वाले एक पूर्व सैन्य अधिकारी व कई व्यक्तियों की सजा को अलग-अलग मामलों में माफ कर दिया है।
ट्रम्प ने कोलोराडो की सुपरमैक्स जेल में आजीवन कारावास भुगत रहे शिकागो के पूर्व गैंग लीडर लैरी हूवर की सजा भी कम की। हूवर को 1973 में पहली बार एक हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। साथ ही उसे 1998 में एक आपराधिक गिरोह चलाने का भी दोषी ठहराया गया था। हालांकि बाद में उसने अपने आपराधिक अतीत को त्याग दिया और सजा घटाने के लिए याचिका दायर की थी। फिलहाल वह जेल में ही है। इसी तरह ‘एनबीए यंगबॉय’ के नाम से मशहूर लुइसियाना के रैपर केंट्रेल गॉल्डेन को भी ट्रम्प ने माफी दी है।
गॉल्डेन को 2024 में बंदूक से जुड़े आरोपों में लगभग दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने हथियार रखने की बात स्वीकार की थी। व्हाइट हाउस के दो अनाम अधिकारियों ने बुधवार शाम इन माफी की पुष्टि की, जिनके अनुसार यह कार्रवाइयाँ अब तक सार्वजनिक नहीं की गई थीं। गॉल्डेन ने एक बयान में कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रम्प का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मुझे माफ करके एक व्यक्ति, पिता और कलाकार के रूप में रचनात्मक काम जारी रखने का मौका दिया।”
इन्हें भी किया माफ
इन दोनों के अलावा ट्रम्प ने न्यूयॉर्क के मजदूर नेता जेम्स कैलाहन को भी माफ किया, जिन्हें एक विज्ञापन फर्म से 3,15,000 अमेरिकी डॉलर के उपहारों की रिपोर्ट न करने का दोषी पाया गया था। इसी तरह कनेक्टिकट के पूर्व गवर्नर और रिपब्लिकन नेता जॉन रोलैंड को भी माफी मिली, जिन पर दो संघीय चुनाव अभियानों में भागीदारी छिपाने का आरोप था और उन्हें 30 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी।ट्रम्प ने न्यूयॉर्क के रिपब्लिकन नेता माइकल ग्रिम को भी माफ किया, जिन्होंने कर धोखाधड़ी के आरोपों के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। ग्रिम ने 2014 में पुनः चुनाव जीत लिया था, जबकि उन पर अपने रेस्तरां के वेतन और राजस्व कम दिखाने के आरोप थे। वहीं सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट मार्क ब्रैडशॉ को भी माफी दी गई, जिन पर 2022 में कोविड-19 जांच कराए बिना काम पर आने का आरोप साबित हुआ था।
इन पर भी ट्रंप के दिल में रहा सॉफ्ट कॉर्नर
इसके अलावा ट्रंप ने हाल ही में 2 दहशतगर्दों को ह्वाइट हाउस के एडवाइजरी बोर्ड में नियुक्त किया था। इनमें से एक संबंध सीधे आतंकवादी संगठन लश्कर से रहा है, जो भारत के कश्मीर में आतंकी घटना को अंजाम दे चुका था। ट्रंप का रुख इस बार आतंक को पोषित करने वाले पाकिस्तान और सीरिया के प्रति भी नरम रहा। सीरिया में आतंकी अल-शरा को माफ करने के बाद ट्रंप ने सीरिया पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटा दिया। इसी तरह यमन के हूतियों पर अमेरिकी सेना को हमले रोकने का आदेश देने के साथ ही उन्हें बहादुर करार दे दिया। जबकि ये वही हूतिये हैं, जिन्होंने इजरायल हमास में जंग छिड़ने के बाद से लाल सागर, अदन की खाड़ी में दर्जनों विदेशी जहाजों पर हमला कर चुके हैं। हूतियों ने अमेरिकी जहाजों तक को नहीं बख्शा था।








