
महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का कहना है कि सरकारी नौकरी वाली महिलाओं को लाडकी बहीण योजना के पैसे नहीं लेने चाहिए थे। सरकार इसकी वसूली जरूर करेगी। कई विभागों ने वसूली का काम शुरू भी कर दिया है।
महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहीण योजना का अनुचित लाभ लेने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सरकारी नौकरी करने वाली जिन महिलाओं ने इस योजना का लाभ लिया है, उनसे वसूली की जाएगी। कई विभागों ने वसूली की कार्रवाई शुरू भी कर दी है। वहीं, अन्य विभाग जल्द ही वसूली शुरू करेंगे। इस मामले में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकारी नौकरी वाली महिलाओं को ऐसा नहीं करना चाहिए था। अब सरकार वसूली जरूर करेगी।
महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा “सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं जिन्होंने लाडली बहन योजना का लाभ लिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। कुछ विभागों ने उन पर कार्रवाई शुरू भी कर दी है, प्रशासन वसूली करेगा। अच्छी स्थिति में रहने वालों के लिए योजना नहीं है, जिन लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी है और उन्होंने इस योजना का लाभ लिया है, तो निश्चित तौर पर उन पर कार्रवाई होगी।”
गरीब परिवार की महिलाओं के लिए है योजना
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने साफ किया कि यह योजना गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए है। इसके जरिए उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की जा रही है। बावनकुले ने कहा कि लाडकी बहीण योजना का लाभ लेने वाली सरकारी कर्मचारियों को ऐसा नहीं करना चाहिए था। इस योजना के जरिए हर महीने डेढ़ हजार रुपए दिए जाते हैं, ताकि गरीब परिवार की महिलाओं को आर्थिक मदद मिल सके। सरकारी सेवा में लगी कर्मचारियों और बहनों को ऐसा नहीं करना चाहिए, उन्होंने जो लाभ लिया है उसे उन्हें वापस कर देना चाहिए। सरकार उनसे वसूली जरूर करेगी। कुछ विभागों ने जांच शुरू कर दी है, कुछ विभागों ने वसूली भी शुरू कर दी है, लेकिन सरकारी कर्मचारी या जो सक्षम है, उन्हें किसी योजना का लाभ नहीं लेना चाहिए। अगर उन्होंने लिया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।”
किन लोगों के लिए है लाडकी बहीण योजना
महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहीण योजना 21 से 65 वर्ष की महिलाओं के लिए है। इसके लिए आवेदन करने वाली महिला का महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना जरूरी है। और उनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। विवाहित, अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा, परित्यक्त या निराश्रित महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं। इस योजना के तहत, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करने और परिवार में उनकी भूमिका को मजबूत करने में मदद की जाती है। सरकारी नौकरी करने वाले लोगों की वार्षिक आय 2.5 लाख से ज्यादा होती है। इस वजह से सरकारी नौकरी करने वाले लोगों के परिवार की महिलाएं इस योजना की पात्र नहीं हैं।








