
रूस पर यूक्रेन के इस बड़े हमले की तैयारी करीब डेढ़ साल से की जा रही थी। इस हमले की मॉनिटरिंग यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की खुद कर रहे थे। यूक्रेन ने रूस के 5 एयरबेस को निशाना बनाते हुए 41 विमानों को तबाह किया है।
रूस-यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी जंग के बीच रविवार को रूस में अब तक की सबसे भयंकर तबाही हुई। रविवार को यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया है। इस हमले में रूस के कम से कम 41 मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स को नुकसान पहुंचा है।
SBU ने इस हमले को दिया अंजाम
यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU ने इस हमले को अंजाम दिया है। इस हमले में FPV यानी फर्स्ट-पर्सन-व्यू ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में जिन विमानों को निशाना बनाया गया, उनमें Tu-95 और Tu-22M3 जैसे बड़े बाहुबली बमवर्षक शामिल थे।
यूक्रेन के इन एयरबेस को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के मरमंस्क में ओलेन्या एयर बेस, इरकुत्स्क में बेलाया एयर बेस, इवानोवो में इवानोवो एयर बेस और डायगिलेवो एयर बेस को निशाना बनाया है, जो यूक्रेन से करीब 4000 किलोमीटर दूर हैं।
करीब डेढ़ साल पहले बनाई गई थी योजना
यह पहली बार है जब यूक्रेन का कोई ड्रोन रूस के इतने अंदर देखा गया है। इस ऑपरेशन की योजना यूक्रेन ने करीब डेढ़ साल पहले बनाई थी। इसे खुद राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की निगरानी में अंजाम दिया गया है।
ट्रकों की छतों के नीचे छिपाए गए थे ड्रोन
रूस पर यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा अटैक है। इसे यूक्रेन की सुरक्षा सेवा SBU ने अंजाम दिया है। दावा किया जा रहा है कि ड्रोन को पहले रूस में चोरी-छिपे भेजा गया और फिर उन्हें लॉरियों में रखे लकड़ी के केबिनों के नीचे छिपाया गया। ये ड्रोन ट्रकों की छतों के नीचे छिपाए गए थे, जिन्हें दूर से कंट्रोल किया जा सकता था।
ट्रकों से ही ड्रोन को किया गया लॉन्च
जब हमला शुरू हुआ, तो ट्रकों की छतें खुल गईं और कामिकेज ड्रोन सीधे रूसी फाइटर जेट की तरफ भेजे गए। जब हमला करना था, तो इन्हीं ट्रकों से ड्रोन लॉन्च किए गए। इन ड्रोनों ने रूस एयरबेस में रखे विमानों को तबाह कर दिया।








