
पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पालासिओस भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। उन्होंने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने अतिथि नेता के सम्मान में दोपहर के भोजन की मेजबानी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पालासिओस भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करना और समग्र सहयोग का विस्तार करना है। सोमवार को उन्होंने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे पहले दिन में, राष्ट्रपति पालासिओस ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनकी यह यात्रा 4 जून को समाप्त होगी।
पीएम मोदी ने की दोपहर के भोजन की मेजबानी
प्रधानमंत्री मोदी ने अतिथि नेता के सम्मान में दोपहर के भोजन की मेजबानी की। इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी राष्ट्रपति पेना से मिलने और उनके सम्मान में भोज की मेजबानी करेंगी। विदेश मंत्रालय (MEA) के एक बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी राष्ट्रपति पेना से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा, “राष्ट्रपति पेना की आगामी राजकीय यात्रा नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करने के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगी।”
मुंबई में भी होंगे कार्यक्रम
अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पेना मुंबई में राज्य के राजनीतिक नेतृत्व, व्यापार और उद्योग प्रतिनिधियों, स्टार्टअप, इनोवेटर्स और टेक लीडर्स से भी मुलाकात करेंगे।
यह बैठक अहम क्यों?
यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि पराग्वे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है। ऑटोमोबाइल और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों में कई भारतीय कंपनियों की पराग्वे में उपस्थिति है और कुछ पराग्वे की कंपनियां, मुख्य रूप से संयुक्त उद्यम संस्थाओं के माध्यम से भारत में मौजूद हैं।
राजनयिक संबंध कब हुए थे स्थापित?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और पराग्वे ने 13 सितंबर 1961 को राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, जिससे दोनों देशों के बीच गर्मजोशी और मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित हुए हैं। तब से दोनों देशों ने व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विकसित किया है। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और आतंकवाद का मुकाबला करने सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान विचार साझा करते हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।








