
लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में 520 अग्निवीर जवानों की पासिंग आउट परेड आयोजित हुई। कठिन प्रशिक्षण के बाद इन जवानों ने सेना में शामिल होकर देश की सेवा का संकल्प लिया है।
जम्मू-कश्मीर के JKLI रेजिमेंट सेंटर और लेह में स्थित लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर में गुरुवार को अग्निवीर जवानों की पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इन परेड्स में कुल मिलाकर 520 अग्निवीर जवानों ने अपनी सात महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर भारतीय सेना का हिस्सा बनने की शपथ ली। यह समारोह भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें सैन्य और असैन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ जवानों के परिवार वाले भी शामिल हुए। बडगाम और लेह में हुई इन परेड में अग्निवीरों का जोश और जज्बा देखने लायक था।
लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर, लेह
लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर में 194 अग्निवीर जवानों की पासिंग आउट परेड आयोजित हुई। इस समारोह की समीक्षा मेजर जनरल गुरपाल सिंह ने की। लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से आए इन युवा अग्निवीर जवानों ने शानदार परेड का प्रदर्शन किया। समीक्षा अधिकारी ने जवानों को उनकी उत्कृष्ट परेड के लिए बधाई दी और देश की सेवा में समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने लद्दाख स्काउट्स के सैनिकों की असाधारण वीरता और योगदान की सराहना की। इस दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जवानों को मेडल प्रदान किए गए। इसके अलावा, गौरव पदक उन माता-पिता को दिया गया जिनके बच्चे अग्निवीर के रूप में रेजिमेंट में शामिल हुए और जिन्होंने स्वयं सेना में सेवा की है या कर रहे हैं।
जेकेलाइट रेजिमेंट सेंटर, बडगाम
जम्मू-कश्मीर के मध्य कश्मीर में स्थित बडगाम के जेकेलाइट रेजिमेंट सेंटर में पांचवें बैच के 326 अग्निवीर जवानों की पासिंग आउट परेड हुई। इन जवानों को विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों, खासकर आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों से चुना गया था। 7 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद इन जवानों ने देश की रक्षा के लिए मर मिटने की शपथ ली। प्रशिक्षण में हथियारों के उपयोग, मार्शल आर्ट, और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट की विशेष ट्रेनिंग शामिल थी, जो खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए डिजाइन की गई थी। पिछले 30 वर्षों में इस केंद्र ने 16,000 से अधिक सैनिकों को प्रशिक्षित किया है, जो देश की रक्षा के लिए तैनात हैं।
परिवारों और जवानों में गर्व की भावना
दोनों समारोहों में जवानों के परिवार वालों की उपस्थिति ने इस अवसर को और विशेष बना दिया। परेड में शामिल होने वाले जवानों में किसी का भाई, किसी का पति, तो किसी का बेटा था। परिवार वालों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी कि उनके बच्चे देश की सेवा के लिए सेना में शामिल हुए हैं। सेना ने इन जवानों का उत्साहवर्धन किया और उनके कठिन प्रशिक्षण को पूरा करने के लिए बधाई दी। दोनों परेड्स में जवानों के चेहरों पर देशभक्ति और वफादारी का जज्बा साफ दिखाई दिया। ये युवा सैनिक देश के किसी भी कोने में दुश्मन से लड़ने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं।








