
दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के कोलंबिया में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार रविवार की सुबह मध्य कोलंबिया में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया।
दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के कोलंबिया में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार रविवार की सुबह मध्य कोलंबिया में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। फिलहाल अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र राजधानी बोगोटा से लगभग 116 मील दक्षिण-पूर्व में स्थित शहर पारटेब्यूनो से 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। अमेरिकी भूगर्भीय सेवा ने बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 8:08 बजे (1308 GMT) पर 10 किलोमीटर की गहराई पर आया।
बाद में भी महसूस किए गए कई झटके
वहीं कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सेवा ने 4 से 4.6 तक की तीव्रता वाले अतिरिक्त झटकों की भी जानकारी दी, जो रुक रुककर इलाके में महसूस किए गए। आपदा जोखिम प्रबंधन की नेशनल यूनिट ने एक्स पर कहा कि वह कई नगर पालिकाओं में स्थिति का आकलन कर रही है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों में बोगोटा में लोगों को भूकंप महसूस करते हुए दिखाया गया है। कुछ लोग सुरक्षा की तलाश में अपने कार्यस्थलों से बाहर निकल गए। ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त फुटेज से पता चलता है कि कोई नुकसान नहीं हुआ है। बता दें कि कोलंबिया प्रशांत क्षेत्र के रिंग ऑफ फायर में स्थित है, जो लगातार भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधि के लिए जाना जाता है।
भूकंप की तीव्रता का अंदाजा
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।
क्यों आते हैं भूकंप?
हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।








