
हरिद्वार में भारी बारिश के कारण राजाजी टाइगर रिजर्व के पास घासीराम नदी में उफान आ गया जिससे हरिद्वार-चीला-ऋषिकेश मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। जंगल सफारी के लिए निकली 14 से अधिक जिप्सियां और उनमें सवार 70 पर्यटक जंगल में फंस गए जिन्हें राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम ने सुरक्षित निकाला। मानसून के कारण 15 जून से पार्क बंद कर दिया जाएगा।
शुक्रवार तड़के हुई तेज वर्षा से मौसम सुहावना तो हुई, परंतु राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में यह वर्षा आफत बनकर आई। जंगल सफारी के लिए निकलीं 14 से अधिक जिप्सियां हजारा बीट क्षेत्र के मोटा साल के पास वर्षा के कारण उफनाए बरसाती नाले के पास फंस गईं। यहां मार्ग धंस जाने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ सके और 70 पर्यटक करीब डेढ़ घंटे तक जंगल में फंसे रह गए। इस दौरान पर्यटक काफी घबरा भी गए थे। फिर मौके पर पहुंची राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम ने जिप्सी और पर्यटकों को रेस्क्यू किया।
शुक्रवार सुबह चीला गेट से पर्यटकों के वाहन राजाजी की सैर के लिए निकले। परंतु साढ़े सात बजे से तेज वर्षा शुरू हुई, इस दौरान आकाशीय बिजली भी गिरी। जिससे पर्यटक भयभीत हुए। लेकिन, पर्यटकों की सांसे तब अटकी जब जिप्सियां हजारा पर्यटक जोन में बरसाती नाले को पार नहीं कर पाई। काफी देर तक जब नाले का उफान कम नहीं हुआ तो जिप्सी संचालकों ने वापस लौटने का प्रयास किया तो पीछे अन्य नाले भी उफान पर आ गए।
घासीराम नदी के उफान से यातायात बाधित
सूचना मिलते ही चीला रेंज की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। डिप्टी रेंजर मेघपाल के नेतृत्व में राहुल सैनी, इदरीश खान, अरविन्द और मन्नू चौधरी ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी वाहनों और पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेंज अधिकारी बीडी तिवारी ने बताया कि मानसून सत्र को देखते हुए चीला रेंज को अलर्ट मोड पर रखा गया है। शुक्रवार सुबह पर्यटकों की 14 जिप्सियां हजारा पर्यटक जोन में फंस गई थी। जिन्हें टाइगर रिजर्व की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। दूसरी ओर चीला के घासीराम नदी में भी हर वर्ष बरसात के दौरान रास्ता बंद हो जाता है। जिसे देखते हुए इस बार दो स्थायी टीमें तैनात की गई हैं।








