पायलट बेटे का शव देख टूट कर रो पड़े कप्तान सबरवाल के पिता

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पायलट बेटे को पिता ने हाथ जोड़कर अंतिम विदाई दी

मेघानी नगर की कई जिंदगियां बचाने वाले कैप्टन आज पंचतत्व में विलीन हो गए। सुमित सभरवाल के पिता की उम्र 88 साल है। जॉब की वजह से वह उनके साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पा रहे थे। हाथ जोड़कर अंतिम विदाई देते हुए पिता का टूटा हुआ दिल हर किसी की आंखों को नम कर गया।

12 जून को अहमदाबाद में दिल दहलाने वाला हादसा हुआ था। एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया था जिसमें पायलट सुमित सभरवाल समेत 241 विमान सवारों की मौत हो गई थी। कैप्टन सुमित सभरवाल का पार्थिव शरीर आज उनके परिवार को सौंपा गया जिसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता पुष्करराज ने मुंबई के पवई में अपने घर के बाहर अपने बेटे को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अपने पायलट बेटे की मौत पर बुजुर्ग पिता की क्या हालत होगी इसका अंदाजा हम और आप लगा नहीं सकते। बुजुर्ग पिता बस हाथ जोड़कर नम आंखों से अपने बच्चे को देख रहे थे। यह दृश्य किसी के दिल को भी तोड़ देने वाला था।

पायलट बेटे का पार्थिव शरीर देख टूट गए बुजुर्ग पिता

सुमित सभरवाल के पिता की उम्र 88 साल है। जॉब की वजह से वह उनके साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पा रहे थे। आज जब सुमित सभरवाल का शव उनके घर पहुंचा तो बुजुर्ग पिता की आंखों में बेबसी और दर्द की वो लहरें थीं, जो बयां करती थीं कि एक बाप ने न केवल अपना सहारा, बल्कि अपनी दुनिया खो दी। हाथ जोड़कर अंतिम विदाई देते हुए पिता का टूटा हुआ दिल हर किसी की आंखों को नम कर गया।

पिता की सेवा करना चाहते थे सुमित सभरवाल

अहमदाबाद विमान हादसे ने न सिर्फ 241 परिवारों के जीवन को झकझोर कर रख दिया, बल्कि एक बेटे के उस अधूरे सपने को भी तोड़ दिया, जो अपने बूढ़े पिता की सेवा में समर्पित होना चाहता था। सुमित कई बार कहते थे कि अब रिटायरमेंट लेकर पिता का ख्याल रखना है। 88 साल के बुजुर्ग पिता अपने 60 वर्षीय बेटे की मौत की खबर के बाद टूट गए हैं।

captain sumit sabharwal father

मेघानी नगर की कई जिंदगियां बचाने वाले कैप्टन आज पंचतत्व में विलीन हो गए।  चकाला के हिन्दू श्मशान घाट पर कैप्टन सभरवाल का अंतिम संस्कार किया गया।

पायलट सभरवाल ने ATC को दी थी MAYDAY की सूचना

कैप्टन सभरवाल बेहद अनुभवी पायलट थे। उनके पास  8,200 घंटों से ज्यादा उड़ान का अनुभव था। इस हादसे में 241 विमान सवारों में से 241 की जान चली गई थी, जिसमें सभरवाल भी शामिल थे। आपको बता दें कि टेक ऑफ के 50 सेकेंड बाद ही एयर इंडिया का विमान आग का गोला बन गया था। क्योंकि पायलट ने ATC यानि एयर ट्रैफिक कंट्रोल को “मेडे, मेडे, मेडे… नो पावर, नो थ्रस्ट, गोइंग डाउन.. का अंतिम संदेश भेजा जिसके बाद विमान का संपर्क टूट गया और डॉक्टर्स हॉस्टल से टकराकर आग का गोला बन गया था।

 

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Author: Red Max Media

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