स्कूली छात्रों और ISRO के इंजीनियरों से बातचीत करेंगे शुभांशु शुक्ला

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जानिए शुक्रवार को किस समय होगी बातचीत?
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर देश का हर एक नागरिक बेहद खुश है और अपने को गौरान्वित महसूस कर रहा है। ऐसे में वह स्कूली छात्रों और ISRO के इंजीनियर से बात करेंगे कई नई जानकारियां दे सकते हैं।

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंच चुके हैं। उनके साथ और भी 4 साथियों ने इस सफर को पूरा किया है। शुभांशु शुक्ला शुक्रवार शाम को ‘हैम रेडियो’ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने कक्षीय पोस्ट से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों और स्कूली छात्रों के साथ बातचीत करेंगे।

जानिए किस माध्यम से होगी बातचीत?

‘अमैच्योर रेडियो ऑन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’ (ARISS) ने कहा कि यह बातचीत बेंगलुरु में यूआर राव उपग्रह केंद्र में स्थापित एक टेलीब्रिज के माध्यम से की जाएगी, जो स्कूली छात्रों को कक्षीय प्रयोगशाला में अंतरिक्ष यात्रियों के साथ बातचीत की सुविधा प्रदान करता है।

एक्सिओम-4 मिशन पर हैं शुभांशु शुक्ला

शुभांशु शुक्ला तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ एक्सिओम-4 मिशन (Axiom Mission 4) के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 14 दिवसीय वैज्ञानिक अभियान पर हैं। ARISS कार्यक्रम दुनियाभर के छात्रों को आईएसएस पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अमैच्योर रेडियो संचार सुविधा के माध्यम से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में रुचि और करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है।

जानिए शुक्रवार को किस समय होगी बातचीत?

ARISS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भारत से संपर्क होने वाला है! एक्सिओम अंतरिक्ष मिशन के चालक दल के सदस्य शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष स्टेशन से हैम रेडियो के जरिए कर्नाटक में स्थित यूआर राव उपग्रह केंद्र (URSC) से बात करेंगे। शुक्रवार चार जुलाई को ‘ग्रीनविच मीन टाइम’ के अनुसार 10:17 बजे, ईस्टर्न टाइम जोन के अनुसार 6:17 एएम पर, 3:47 पीएम आईएसस पर के6डीयूई टेलीब्रिज के जरिए बात होगी।’

 

 

शुक्ला ने खींची कुछ तस्वीरें

हैम रेडियो, जिसे आधिकारिक तौर पर अमैच्योर रेडियो के रूप में जाना जाता है। लाइसेंस प्राप्त उत्साही लोगों द्वारा संचालित एक गैर-वाणिज्यिक रेडियो-संचार सेवा है। इसे आपदाओं के दौरान संचार का एक विश्वसनीय तरीका माना जाता है। जब संचार के पारंपरिक तरीके उपलब्ध नहीं होते हैं। इस बीच, शुक्ला रविवार को अंतरिक्ष सूक्ष्म शैवाल प्रयोग करने में व्यस्त थे। उन्होंने सैंपल बैग तैनात किए और आईएसएस पर अपने कक्षीय पोस्ट में शैवाल उपभेदों की तस्वीरें खींचीं। ‘एक्सिओम स्पेस’ ने कहा, ‘ये छोटे जीव अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं, जो लंबी अवधि के मिशनों के लिए एक टिकाऊ, पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य स्रोत प्रदान करते हैं।’

प्रोजेक्ट के लिए इकट्ठा किया डेटा

एक्सिओम-4 चालक दल ने ‘न्यूरो मोशन वीआर’ परियोजना के लिए भी डेटा एकत्र किया, जहां अंतरिक्ष यात्री वीआर हेडसेट पहनते हैं और ध्यान-आधारित कार्य करते हैं, जबकि उनकी मस्तिष्क संबंधी गतिविधि की निगरानी कार्यात्मक निकट-अवरक्त स्पेक्ट्रोस्कोपी (FNIRS) का उपयोग करके की जाती है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें