
बिहार में लगातार हो रही अपराधरी घटनाओं ने लोगों को खौफ से भर दिया है। अपराध को लेकर चुनाव से पहले नीतीश सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विपक्ष लगातार उनपर हमलावर है।
14 दिनों में 50 से ज्यादा मर्डर
सरकार और पुलिस द्वारा कार्रवाई के दावों के बीच बिहार में हालात चिंताजनक हैं। राज्य में इस महीने 14 दिनों में ही करीब 50 से ज्यादा मर्डर की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ये आंकड़ा कानून व्यवस्था के लिहाज से कतई अच्छा फिगर नहीं हैं। ये एक काफी चिंताजनक स्थिति है। बिहार में हालात ऐसे हो गए हैं कि अपराधियों के दिलों में पुलिस का खौफ नहीं है। अपराधी जब चाहें जिसे चाहें मार देते हैं और पुलिस बार-बार यही दावा करती है कि अपराधी पकड़े जाएंगे।
क्या कह रहे विपक्ष के नेता?
चूंकि बिहार में अचानक क्राइम का ग्राफ बढ़ गया है इसीलिए विरोधी दल इस मुद्दे पर नीतीश कुमार को घेर रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार तो अचेत अवस्था में हैं। उनसे बिहार संभल नहीं रहा है। लेकिन पीएम मोदी को तो ध्यान देना चाहिए क्योंकि बिहार में एनडीए की सरकार है। तेजस्वी ने कहा कि अगर पीएम मोदी के नाम पर एनडीए को वोट मिलता है तो सुरक्षा देने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है। इसलिए प्रधानमंत्री को चुप्पी तोड़नी चाहिए। वहीं, राहुल गांधी ने कानून व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार को घेरते हुए कहा कि सीएम कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं बीजेपी के मंत्री कमीशन खा रहे।
सत्ता पक्ष ने क्या कहा?
विपक्ष के हमलों का जवाब बिहार के डिप्टी चीफ मिनिस्टर विजय सिन्हा ने दिया। विजय सिन्हा ने कहा कि आज जो सिचुएशन है उसके पीछे आरजेडी है। उसी ने अपराधियों का हौसला बढ़ाया है लेकिन नीतीश कुमार की सरकार अपराधियों को सबक सिखाना जानती है और इसके लिए चाहे बुलडोज़र चलाना पड़े या एनकाउंटर करना पड़े वो सबकुछ किया जा रहा है जिससे अपराध पर काबू पाया जा सके। इसके बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर जिस तरह मुद्दा बनाया जा रहा है। ये सही बात है कि हालात बिगड़े हैं लेकिन उतने भी नहीं जितना पहले खराब थे। मांझी ने कहा कि पहले घटना के बाद कार्रवाई नहीं होती थी लेकिन अब कड़ी कार्रवाई होती है और अपराधियों को सज़ा भी मिलती है।








