
पटना में हुए चंदन हत्याकांड में 4 शूटरों की पहचान हो गई है। हालांकि पुलिस अब भी पांचवें शूटर की पहचान करने में जुटी हुई है। इस बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल तौसीफ का कनेक्शन पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस से निकला है।
बिहार की राजधानी पटना में चंदन मिश्रा की हत्या मामले में शूटर्स की पहचान हो चुकी है। इस हमले को लीड कर रहा था फुलवारी शरीफ का रहने वाला तौसीफ उर्फ बादशाह, जबकि उसके साथ जो अन्य शूटर्स थे, उनकी पहचान मन्नू, सूरजभान और भिंडी उर्फ बलवंत सिंह के रूप में हुई है। हालांकि पांचवें शूटर की पहचान अभी तक नहीं की जा सकी है। इस बीच शूटर तौसीफ को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दरअसल सुपारी किलर तौसीफ बादशाह का कनेक्शन पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की पार्टी से निकला है।
पशुपति पारस से निकला तौसीफ का कनेक्शन
दरअसल तौसीफ का एक पोस्टर सामने आया है, जिसमें पशुपति पारस की तस्वीर है। पोस्टर में तौसीफ खान की भी तस्वीर लगी है, जिसमें उसके नाम के नीचे समाजसेवी लिखा है। इसमें तौसीफ खान के एक और सहयोगी की तस्वीर भी है, जिसका नाम निशू खान है। पोस्टर में निशू खान की दो तस्वीर है, निशू खान एक तस्वीर में प्रिंस पासवान के साथ दिख रहा है तो दूसरी तस्वीर में पशुपति पारस के साथ दिख रहा है। पोस्टर में लिखा है कि अगर चांद की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो। आपको बता दें कि पशुपति पारस केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के चाचा हैं और LJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वर्तमान में पशुपति पारस की पार्टी महागठबंधन के साथ है।
अबतक पुलिस के हाथ खाली
हालांकि चंदन मिश्रा हत्याकांड में अबतक पुलिस के हाथ अपराधी नहीं चढ़े हैं। वारदात के 28 घंटे बाद भी अब तक किसी शूटर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हालांकि 6 में से 4 शूटरों की पहचान हो गई है। तौसीफ बादशाह फुलवारी शरीफ का रहने वाला है, जबकि बाकी तीन शूटर्स मन्नू, सूरजभान और बलवंत सिंह बक्सर के रहने वाले हैं। इस शूटआउट को लीड करने वाला अपराधी तौसीफ बादशाह है, जो वारदात के समय सफेद प्रिंटेड शर्ट और नीली जींस में, बिना टोपी पहने देखा गया था। तौसीफ सेंट कैरेन्स स्कूल का पढ़ा-लिखा है और फुलवारी शरीफ इलाके में जमीन का कारोबार करता है। वह लोगों के बीच खुद को ‘बादशाह’ के नाम से पहचानता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तौसीफ का गैंग सुपारी लेकर हत्या करता है। आशंका है कि चंदन मिश्रा की हत्या भी सुपारी किलिंग के तहत करवाई गई थी।








