
नालंदा में एक परिवार के पांच लोगों ने जहर खा लिया। सभी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां दो की मौत हो गई जबकि तीन की हालत नाजुक है।
बिहार के नालंदा में एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खा लिया। जहर खाने से दो बेटियों की मौत गई जबकि तीन लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। मामला पावापुरी थाना अंतर्गत पूरी गांव का है। थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जांचोपरांत घटना का कारण स्पष्ट होगा। परिवार के पांच सदस्यों ने जहर खाया था। जिसमें दो बच्चियों की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
तीन लोगों की हालत नाजुक
जानकारी के मुताबिक पूरी गांव के जल मंदिर के पास कथित तौर पर कर्ज से परेशान परिवार के पांच सदस्यों ने जहर खा लिया। जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। ग्रामीणों के सहयोग से सभी को इलाज के लिए विम्स लाया गया। जहां इलाज के दौरान दो बेटियों की मौत हो गई। अन्य की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना का कारण कर्ज की रकम का ब्याज नहीं देने पर देनदारों द्वारा प्रताड़ित करना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच के बाद ही कारण पता चल पाएगा।
जहर खाने वालों में से दो की मौत
जहर खाने वालों में दुकानदार धर्मेंद्र कुमार उनकी 38 वर्षीया पत्नी सोनी कुमारी, 14 साल की बेटी दीपा, 16 साल की अरिका और 15 साल का पुत्र शिवम कुमार शामिल है। इलाज के दौरान दीपा और अरिका की मौत हो गई। धर्मेंद्र, जलमंदिर के पास श्री काली मां साड़ी सेंटर नामक दुकान चलाते हैं। उनका पैतृक घर शेखपुरा जिला है। पावापुरी में परिवार किराया पर रहता था।
छोटे बेटे ने जहर नहीं खाया
ग्रामीणों ने बताया कि दंपती को तीन पुत्री और दो पुत्र है। छोटा पुत्र 7 वर्षीय सत्यम जहर नहीं खाया। सत्यम ने बताया कि पापा उसे भी जहर दिए थे। वह खाने के बजाय उसे फेंक दिया। कर्ज का ब्याज नहीं देने पर उनके माता-पिता को प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी कारण सभी ने जहर खाया।








