
सुप्रीम कोर्ट ने सभी यात्री वाहनों में छह एयरबैग अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह नीति निर्धारण का मामला है और अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने याचिकाकर्ता को सरकार के समक्ष अपनी बात रखने को कहा। याचिकाकर्ता ने पहले ही सरकार को पत्र भेजा था।
देश में चलने वाली सभी पैसेंजर गाड़ियों में छह एयरबैग को अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यह मामला पूरी तरह से नीति निर्धारण से जुड़ा है और इसमें अदालत का दखल देना ठीक नहीं होगा।
SC का जवाब
बेंच ने अपने फैसले में कहा, “इस याचिका में की गई मांगे पूरी तरह से नीति बनाने वाले कार्यपालिका के क्षेत्र में आती है। इसलिए हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। अगर याचिकाकर्ता ने पहले ही सरकार को प्रतिनिधित्व दिया है तो उसे उसके अनुसार विचार किया जाएगा।”
याचिकाकर्ता का दावा
याचिका में दावा किया गया था कि भारत में कार दुर्घटनाओं के दौरान जान बचाने के लिए गाड़ियों में 6 एयरबैग जरूरी है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि सरकार का इसे अनिवार्य न बनाना संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।
Author: Red Max Media
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