यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पीएम मोदी से की बात

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रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की है। जेलेंस्की ने कहा कि यह बेहद अहम है कि भारत हमारे शांति प्रयासों का समर्थन कर रहा है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा, ”भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने के साथ मेरी लंबी बातचीत हुई। हमने सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की है। मैं प्रधानमंत्री का हमारे लोगों के प्रति उनके गर्मजोशी भरे समर्थन के लिए आभारी हूं।” जेलेंस्की ने कहा, ”मैंने हमारे शहरों और गांवों पर रूसी हमलों और कल ज़ापोरिज्जिया के बस अड्डे पर हुए हमले के बारे में बताया, जहां रूस की ओर से जानबूझकर की गई बमबारी में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। यह ऐसे समय में है जब युद्ध को समाप्त करने की कूटनीतिक संभावना है। युद्धविराम के लिए तत्परता दिखाने के बजाय, रूस केवल कब्जा और हत्याएं जारी रखने की अपनी इच्छा दिखा रहा है।”

शांति प्रयासों का समर्थन कर रहा है भारत
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत हमारे शांति प्रयासों का समर्थन कर रहा है और इस स्थिति से सहमत है कि यूक्रेन से संबंधित हर चीज का निर्णय यूक्रेन की भागीदारी से ही लिया जाना चाहिए। अन्य तरीकों से परिणाम नहीं मिलेंगे। हमने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों पर भी विस्तार से चर्चा की। मैंने कहा कि इस युद्ध को जारी रखने के लिए वित्तपोषण की उसकी क्षमता को कम करने के लिए रूसी ऊर्जा, विशेष रूप से तेल के निर्यात को सीमित करना आवश्यक है। यह जरूरी है कि रूस पर ठोस प्रभाव रखने वाला हर नेता मॉस्को को इसी तरह के संकेत भेजे। हम सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक व्यक्तिगत बैठक की योजना बनाने और यात्राओं के आदान-प्रदान पर काम करने पर सहमत हुए हैं।

जारी हैं रूस के हमले

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, यूक्रेन ने रूस के निजनी नोवगोरोद शहर में दो औद्योगिक क्षेत्रों पर ड्रोन हमले किए है, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है और दो अन्य घायल हुए हैं। ये हमले अमेरिका के अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस हफ्ते प्रस्तावित शिखर वार्ता से पहले किए गए हैं। इस वार्ता में पुतिन का जोर ट्रंप को एक ऐसे शांति समझौते के लिए राजी करने पर होगा, जो रूस के हित में हो।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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