महाराष्ट्र में भाभी-ननद के बाद अब पिता-पुत्री में होगी लड़ाई

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एनसीपी के अजित पवार समर्थक मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम और उनकी बेटी भाग्यश्री हल्गेकर अत्राम के बीच लड़ाई के संकेत मिल रहे हैं. भाग्यश्री ने शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल होकर उनके पिता धर्मराव बाबा अत्राम के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है.

लोकसभा चुनाव में बारामती लोकसभा क्षेत्र में सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार यानि ननद-भाभी के बीच मुकाबला हुआ था. अब विधानसभा में लड़ाई एक ही परिवार से नहीं बल्कि पिता-पुत्री के बीच होने की संभावना है. एनसीपी के अजित पवार समर्थक मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम और उनकी बेटी भाग्यश्री हल्गेकर अत्राम के बीच लड़ाई के संकेत मिल रहे हैं. भाग्यश्री ने शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल होकर उनके पिता धर्मराव बाबा अत्राम के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है. इसके चलते आने वाले विधानसभा में पिता के खिलाफ बेटी की लड़ाई देखने को मिलने की संभावना है.

शरद पवार की एनसीपी में शामिल होने के बाद भाग्यश्री आत्राम ने कहा कि शरद पवार ने किसी का घर नहीं तोड़ा है. मैं अपने पिता से सहमत नहीं थी. इसलिए मैं शरद पवार समूह में शामिल हो गई. अब मैंने विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

महाविकास अघाड़ी में अहेरी विधानसभा पर कांग्रेस दावा कर रही है. भाग्यश्री अत्राम ने कहा कि हर किसी को सीट मांगने का अधिकार है. लेकिन कौन सी सीट किस पार्टी के लिए छोड़नी है इसका फैसला वरिष्ठ नेता लेंगे.

भाग्यश्री अत्राम ने शरद पवार का थामा हाथ

जब भाग्यश्री अत्राम एनसीपी के शरद पवार गुट शामिल हुईं, तो शुरुआत में उन्होंने स्व. माता और धर्मराव बाबा अत्राम ने चरण स्पर्श का उल्लेख किया. वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि आज प्रकृति बदल गयी है, नहीं तो बड़ी घटना हो जाती. इस क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ है. मंत्री अत्राम के पास समय नहीं है, उन्होंने मुझे आश्वासन दिया, अगर उन्हें रोजगार देना था तो पिछली खनन परियोजना में क्यों नहीं दी? भाग्यश्री अत्राम ने आरोप लगाया कि कंपनी में चिटफंड के आरोपियों को निदेशक बनाया गया.

गैर आदिवासियों को मिल रहे हैं आदिवासियों के अधिकार

उन्होंने कहा कि क्या मैं प्रश्न पूछती रहूं? आदिवासी सेवक पुरस्कार गैर आदिवासियों को दिया जा रहा है. पुरस्कार किसी योग्य व्यक्ति को नहीं दिया जाता. गैर आदिवासियों को भी रियायती शर्तों के साथ जमीन के पट्टे दिये जा रहे हैं. सुरजागड़ परियोजना उद्योग ध्यान दें, समस्या मुझसे है. आदिवासी विकास के लिए धन सरकार से मिलता है. वह फंड पूरा खर्च नहीं हुआ है. जनजातीय परियोजनाओं में भीड़ नहीं होती. भाग्यश्री अत्राम ने कहा कि महायुति जातियों के बीच दरार पैदा कर रही है, तो आइए अब इस सरकार को बदल दें.

मैं घर नहीं तोड़ रही हूं : भाग्यश्री

उन्होंने कहा कि मैं घर नहीं तोड़ रही हूं. धर्मराव बाबा नक्सलियों के कब्जे में थे. तब शरद पवार ने हस्तक्षेप किया. मैंने उनका एहसान चुकाया. अब अजित दादा ने कहा, गलती हो गई है तो गलती खुद सुधार लो, शरद पवार ग्रुप में आ जाओ. 2019 में उनके पिता बीजेपी की राह पर थे. उस वक्त अजितदादा ने खुद मुझे बी फॉर्म दिया और कहा कि घर तोड़कर खड़े हो जाओ, जयंत पाटिल गवाह हैं. मैं खुद गौरैया की तरह घूमी हूं. मैं और बाबा एक नहीं हैं. मेरा रास्ता अलग है. लेकिन बाबा आज भी राजा के समान प्रतापी हैं. सुधार नहीं हुआ.

Red Max Media
Author: Red Max Media

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