उदयपुर में बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति

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उदयपुर में बारिश

जाते मानूसन में बरसात का यह दौर 12 दिन बाद लौटा है। उदयपुर के देहलीगेट, बापूबाजार, फतहपुरा, आरके सर्कल, शोभागपुरा, केशवनगर, रूपसागर रोड, आरटीओ रोड आदि क्षेत्रों में तेज बरसात की जानकारी मिली। ट्रांसपोर्ट नगर के पास पेसेफिक यूनिवर्सिटी मेन रोड पर एकाएक भरे पानी से यहां खड़ी कारें डूबी नजर आईं।

राजस्थान के उदयपुर जिले में एक नए परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से बीते 24 घंटे में अति भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुवार इस नए परिसंचरण तंत्र के कारण बीते 24 घंटे के दौरान राजस्थान के उदयपुर जिले में अतिभारी तथा चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिलों में भारी बारिश  दर्ज की गई।

एमपी में मानसून की सक्रियता का असर

जाते मानूसन में बरसात का यह दौर 12 दिन बाद लौटा है। इससे पहले 6 सितंबर को बरसात हुई थी। मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता का असर मेवाड़ सहित दक्षिण राजस्थान पर हुआ। सुबह से तीखी धूप और दिन भर आसमान साफ था, लेकिन दोपहर बाद बरसात होने का आभास होने लगा। जिले में शाम होते-होते मौसम पलट गया और कई जगह पर बारिश हुई।

डूबी नजर आई कारें

इसी दौरान राज्य के कुछ अन्य स्थानों पर भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा। सर्वाधिक 117.0 मिलीमीटर बारिश मावली (उदयपुर) में हुई। शहर के देहलीगेट, बापूबाजार, फतहपुरा, आरके सर्कल, शोभागपुरा, केशवनगर, रूपसागर रोड, आरटीओ रोड आदि क्षेत्रों में तेज बरसात की जानकारी मिली। ट्रांसपोर्ट नगर के पास पेसेफिक यूनिवर्सिटी मेन रोड पर एकाएक भरे पानी से यहां खड़ी कारें डूबी नजर आईं।

22 सितंबर तक इन जिलों में हो सकती है बारिश

चूरू में अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस तंत्र के प्रभाव से 22 सितंबर तक भरतपुर, कोटा, उदयपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी दिनों में मौसम मुख्यतः शुष्क बने रहने की प्रबल संभावना है।

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Author: Red Max Media

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