जेएनयू में बवाल, छात्रसंघ चुनाव से पहले एबीवीपी और वामपंथी छात्रों में छिड़ी जंग

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जेएनयू

JNU परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और वाम समर्थित छात्र समूहों ने एक-दूसरे पर हिंसा करने, हमला करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में छात्रसंघ चुनाव की गहमागहमी के बीच गुरुवार को स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) की आम सभा की बैठक के दौरान भारी तनाव और हंगामा देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वाम समर्थित छात्र समूहों ने एक-दूसरे पर हिंसा करने, हमला करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया। जेएनयू में संभवतः नवंबर में होने वाले छात्रसंघ चुनाव की तैयारी चल रही है, जिसके लिए विश्वविद्यालय ने शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन भी किया है।

एबीवीपी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बैठक के दौरान एक वामपंथी सदस्य ने आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण टिप्पणी की। एबीवीपी का दावा है कि सदस्य ने कहा, “उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग एवं एबीवीपी के छात्र जेएनयू में आने के योग्य नहीं हैं और उन्हें बाहर निकाल दिया जाना चाहिए।” एबीवीपी के अनुसार, जब छात्रों ने इस टिप्पणी का विरोध किया, तो वामपंथी छात्रों ने एक छात्रा पर हमला कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

संगठन ने जेएनयूएसयू अध्यक्ष नीतीश पर भी हमला बोला, आरोप लगाया कि उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय तनावपूर्ण माहौल में बैठक को जारी रहने दिया और बाद में अपने साथियों को फिर से हमला करने के लिए बुलाया। एबीवीपी का यह भी आरोप है कि कई छात्रों को पीटा गया, जिसके बाद वामपंथी छात्रों ने झूठी कहानियां फैलाना शुरू कर दिया, अपनी कमीज फाड़नी शुरू कर दी और खुद को पीड़ित बताने के लिए नाटक करना शुरू कर दिया।

आइसा के आरोप, एबीवीपी ने किया हमला

वहीं, वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एबीवीपी पर पलटवार किया। आइसा ने दावा किया कि एबीवीपी के “गुंडों” ने आम सभा की बैठक को बाधित किया, सदस्यों को परेशान किया और छात्रों पर शारीरिक हमला किया। आइसा ने अपने बयान में कहा, “एबीवीपी के सदस्यों ने एक महिला छात्रा का गला पकड़ लिया और कई अन्य को पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। संगठन के अनुसार, घायल छात्रों का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है।

आइसा ने एबीवीपी पर आगामी जेएनयूएसयू चुनाव से पहले लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए हिंसा का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों ने जेएनयूएसयू अध्यक्ष नीतीश पर हमला किया, उनके कपड़े फाड़ दिए और उनके खिलाफ जातिवादी, महिला विरोधी और इस्लाम-विरोधी टिप्पणियां कीं।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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