
तेज प्रताप ने कहा कि महुआ की जनता मेरा परिवार है। मैं अब अपनी पार्टी के तहत चुनाव लड़ रहा हूं, जिसका चुनाव चिन्ह ‘ब्लैकबोर्ड’ है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि वह मूल रूप से व्यापारी हैं। वे संसाधन जुटाकर पार्टियों का प्रचार अभियान चलाते हैं। वही काम वे अब भी कर रहे हैं।
बिहार में चुनाव प्रचार इस वक्त अपने चरम पर है। परिवार से निकाले जाने के बाद पहली बार तेज प्रताप यादव चुनावी मैदान में हैं। तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल पार्टी बनाकर 40 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। वह खुद महुआ सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। इस बीच लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने आरजेडी और अपने छोटे तेजस्वी यादव को लेकर बड़ा बयान दिया है। तेज प्रताप यादव ने कहा है कि तेजस्वी यादव पर पिता लालू यादव की छत्रछाया है। अगर तेजस्वी में हिम्मत है तो लालू यादव के सपोर्ट के बिना चुनाव लड़कर दिखाए।
आरजेडी में लौटने से बेहतर मौत को चुनेंगे: तेज प्रताप
वहीं, बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह आरजेडी में लौटने से बेहतर मौत को चुनेंगे। कुछ महीने पहले उनके पिता और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने नयी पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (जेजेडी) बनाई है और वह महुआ विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। यह वही सीट है, जहां से उन्होंने 2015 में पहली बार चुनाव लड़ा था। तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर भी अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि सत्ता उसी को मिलती है जिसे जनता का आशीर्वाद प्राप्त हो।
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मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं: तेज प्रताप
उन्होंने कहा कि मैं आरजेडी में लौटने से बेहतर मौत को चुनूंगा। मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं। मेरे लिए सिद्धांत और आत्मसम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने दावा किया कि मेरे लिए सबसे बड़ी बात जनता की सेवा करना है। मैं ईमानदारी से ऐसा करता हूं और लोग मुझसे प्यार व भरोसा करते हैं। महुआ क्षेत्र से अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि मैं राजनीति में आने से बहुत पहले से इस क्षेत्र से जुड़ा रहा हूं। लोग कहते हैं कि जब मैं विधायक था तब वे खुश थे क्योंकि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाता था। अब वे कहते हैं कि उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
माता-पिता का आशीर्वाद मेरे साथ
तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि वे मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रौशन को किसी बड़ी चुनौती के रूप में नहीं देखते। मुकेश को तेजस्वी का करीबी माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी दिवंगत दादी मरिचिया देवी की तस्वीर लगाई थी। इस पर उन्होंने कहा कि बिलकुल, उन्हीं के आशीर्वाद से मेरे पिता राजनीति में आगे बढ़े थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने माता-पिता से भी आशीर्वाद लिया है, तो उन्होंने कहा कि काफी समय से हमारी बात नहीं हुई है, लेकिन मैं जानता हूं कि उनका आशीर्वाद मेरे साथ है।
अपने भाई तेजस्वी के साथ पुराने रिश्ते को याद करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि वह मेरा छोटा भाई है। उस पर मेरा आशीर्वाद हमेशा रहेगा। मैं उस पर सुदर्शन चक्र नहीं चला सकता। तेजस्वी को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि राजनीति में तरह-तरह की घोषणाएं होती रहती हैं, लेकिन सत्ता वही पाता है जिसे जनता का आशीर्वाद मिलता है।
और क्या बोले तेज प्रताप यादव?
तेज प्रताप यादव महुआ में रात को भी चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान तेज प्रताप यादव ने राजद नेता तेजस्वी यादव को चैलेंज दिया है कि “अगर तेजस्वी में हिम्मत है तो लालू जी और पार्टी की छत्रछाया से बाहर निकल कर चुनाव लड़कर दिखाएं।” तेज प्रताप ने तेजस्वी को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा- “अगर तेजस्वी यादव महुआ में मेरे खिलाफ प्रचार करने आएंगे तो मैं भी राघोपुर जाऊंगा।” बता दें कि तेजस्वी यादव बिहार की राघोपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
तेज प्रताप यादव को उनकी बहन मीसा भारती ने चुनाव के लिए आशीर्वाद दिया है। मीसा भारती को लेकर तेज प्रताप ने कहा- “मीसा दीदी अपनी पार्टी से बंधी हैं तो मेरा भी दल है। नॉमिनेशन के दिन दादी की तस्वीर लेकर गया था। मैं नॉमिनेशन के दिन घर नहीं गया था, मेरे बारे में अफवाह फैलाई गई।” महागठबंधन की ओर से तेजस्वी के सीएम फेस बनने पर तेज प्रताप ने कहा- “तेजस्वी सीएम उम्मीदवार बने इससे हमको क्या, हम अपने काम में व्यस्त हैं।”








