
कॉकरोच जनता पार्टी ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया और एक शिक्षा घोषणापत्र जारी किया, साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ देशव्यापी अभियान शुरू किया। इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि समूह एक शिक्षा घोषणापत्र जारी करेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को और तेज़ करेगा।
पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, दिपके ने कहा कि यह आंदोलन सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) के कैंपस से शुरू होगा और शांतिपूर्ण तथा संविधान के दायरे में रहेगा।
उन्होंने कहा, “हम आज SPPU से अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर रहे हैं। यह विरोध शांतिपूर्ण और संविधान के दायरे में होगा। आज हम अपना शिक्षा घोषणापत्र जारी करेंगे।”
दिपके के अनुसार, घोषणापत्र में प्रश्नपत्र लीक को रोकने, परीक्षा के नतीजों की समय पर घोषणा सुनिश्चित करने, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने, परीक्षा अधिकारियों की जवाबदेही मज़बूत करने और देरी व कथित गड़बड़ियों के कारण छात्रों को होने वाली दिक्कतों को दूर करने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भी इस विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।
दिपके ने कहा कि यह अभियान जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु सहित कई शहरों से गुज़रेगा और 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक सभा के साथ समाप्त होगा।
उन्होंने दावा किया, “हम तब तक वापस नहीं लौटेंगे जब तक हमें शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं मिल जाता, जो एक करोड़ से ज़्यादा छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने के लिए ज़िम्मेदार हैं।”
CJP संस्थापक ने कहा कि संगठन सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन आरोप लगाया कि अधिकारियों ने इसके बजाय समूह के सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ़ कार्रवाई की है।
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उन्होंने कहा, “CJP देश के लिए एक बड़ा संदेश है। सरकार युवाओं को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती। हमें नकली कहने के बजाय, देश के युवाओं के सामने आने वाले मुद्दों और समस्याओं को समझने की कोशिश करें।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कथित तस्वीर का भी ज़िक्र किया गया, जिसमें दिपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिका में दिखाई दे रहे थे।
इस तस्वीर का ज़िक्र करते हुए संजय राउत ने कहा कि उन्हें यह तस्वीर मिली है और वे इसके बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
दिपके ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बनाई गई लगती है। “मैं प्रधानमंत्री से कैसे मिल सकता हूँ? मैं तो बस अमेरिका में एक स्टूडेंट था। हर कोई जानता है कि प्रधानमंत्री से मिलने के नियम कितने सख़्त होते हैं,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ हफ़्ते पहले तक वे अमेरिका में नौकरी की तलाश कर रहे थे।
इस ग्रुप ने परीक्षा से जुड़ी चिंताओं पर सोशल मीडिया कैंपेन चलाकर काफ़ी पहचान बनाई है। हाल ही में, 6 जून को उन्होंने जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिसमें देश भर से आए छात्र परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही की मांग करने के लिए इकट्ठा हुए थे।








