“तिरुपति मंदिर के लड्डू में जानवरों की चर्बी का हुआ इस्तेमाल”, चंद्रबाबू नायडू

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चंद्रबाबू नायडू ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि जगन प्रशासन ने तिरुपति प्रसाद में घी के बजाय जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक चौंकाने वाला दावा कर नए विवाद को जन्म दे दिया है। उन्होंने बुधवार को पिछली वाईएसआर कांग्रेस की सरकार पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल हुआ। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जगन प्रशासन ने तिरुपति प्रसाद में घी के बजाय जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया। उन्हें शर्म आनी चाहिए जो करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान नहीं कर सके।

तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में तिरुपति लड्डू चढ़ाया जाता है। मंदिर का संचालन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) करता है। चंद्रबाबू नायडू ने एनडीए विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए यह दावा किया। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि अब शुद्ध घी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

“उनकी टिप्पणी अत्यंत दुर्भावनापूर्ण”

वहीं, चंद्रबाबू नायडू के इन आरोपों पर वाईएसआर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी ने नायडू पर तिरुपति मंदिर की पवित्रता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। रेड्डी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, “चंद्रबाबू नायडू ने तिरुमला की पवित्रता और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। तिरुमला प्रसाद के बारे में उनकी टिप्पणी अत्यंत दुर्भावनापूर्ण है। कोई भी व्यक्ति ऐसे शब्द नहीं बोलेगा या ऐसे आरोप लगाएगा।”

“भगवान के सामने शपथ लेने को तैयार”

उन्होंने आगे कहा, “यह फिर साबित हो गया है कि चंद्रबाबू नायडू राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकते हैं। भक्तों की आस्था को मजबूत करने के लिए मैं अपने परिवार के साथ तिरुमला ‘प्रसाद’ के संबंध में भगवान के सामने शपथ लेने को तैयार हूं। क्या चंद्रबाबू नायडू अपने परिवार के साथ भी ऐसा करने को तैयार हैं?”

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें