
रतन टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया है। देश की तमाम बड़ा हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची है। वहीं, रतन टाटा के आखिरी दर्शन करने उनका डॉगी ‘गोवा’ भी पहुंचा है।
भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। देश और दुनिया भर की तमाम हस्तियों ने रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी है। गृह मंत्री अमित शाह, मुकेश अंबानी, आमिर खान समेत तमाम दिग्गज नेता, उद्योगपति और फिल्मी सितारे रतन टाटा के आखिरी दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं, रतन टाटा का पालतू कुत्ता ‘गोवा’ भी उनके आखिरी दर्शन करने के लिए पहुंचा है। आइए जानते हैं कि क्या है गोवा की कहानी।
रतन टाटा का पालतू कुत्ता गोवा भी एनसीपीए लॉन में उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचा। आपको बता दें कि जनता के लिए रतन टाटा के अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को यहीं रखा गया था। जो वीडियो सामने आया है उसमें गोवा रतन टाटा के पार्थिव शरीर के ठीक बगल में बैठा हुआ दिखाई दे रहा है।
कैसे नाम पड़ा गोवा?
कुत्ते के केयरटेकर ने जानकारी दी है कि गोवा बीते 11 सालों से उनके साथ है। केयरटेकर ने बताया कि जब हम लोग पिकनिक मनाने गोवा गए थे तो सुरक्षा गार्ड इस कुत्ते को गोवा से ले आए थे। दरअसल, उसे गोवा से लाया गया था, इसलिए कुत्ते का नाम गोवा रखा गया। केयरटेकर के अनुसार रतन टाटा गोवा से बहुत प्यार करते थे।
कुत्ते का कारण अवॉर्ड लेने ब्रिटेन नहीं गए थे रतन टाटा
ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स रतन टाटा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने रतन टाटा से लंदन आने का अनुरोध किया। रतन टाटा ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और लंदन आने के लिए उन्होंने हामी भर दी। हालांकि, रतन टाटा लंदन नहीं गए। दरअसल, उनके डॉग टैंगों और टीटो में से कोई एक बीमार था। वह इस हालात में उन्हें ऐसे छोड़कर लंदन नहीं जाना चाहते थे। जब प्रिंस चार्ल्स को इस बात का लगा तो वह इससे काफी प्रभावित हुए। प्रिंस चार्ल्स ने रतन टाटा की तारीफ करते हुए कहा कि इंसान को ऐसा होना चाहिए।








