
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ का भारतीय न्यायपालिका के 50वें प्रमुख के रूप में अंतिम कार्य दिवस था। वह 10 नवंबर रविवार को पद छोड़ देंगे। उनकी जगह लेंगे मनोनीत सीजेआई संजीव खन्ना। अपने अंतिम कार्य दिवस में विदाई समारोह के दौरान जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ भावुक हो गए और कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करने से बड़ी कोई भावना नहीं है।
10 नवंबर को होंगे रिटायर
जस्टिस चंद्रचूड़ ने 9 नवंबर, 2022 को अपने प्रतिष्ठित पिता वाई वी चंद्रचूड़ के पद पर कदम रखा, जिन्होंने 1978 से 1985 के बीच सबसे लंबे समय तक सीजेआई के रूप में कार्य किया और 10 नवंबर, रविवार को पद छोड़ देंगे।
अनजाने में हुई गलतियों के लिए मांगी माफी
इस अवसर पर भावुक जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, ‘आपने मुझसे पूछा कि मुझे क्या आगे बढ़ाता है। यह न्यायालय ही है, जिसने मुझे आगे बढ़ाया है, क्योंकि ऐसा एक भी दिन नहीं है, जब आपको लगे कि आपने कुछ नहीं सीखा है और आपको समाज की सेवा करने का अवसर नहीं मिला है। जरूरतमंद लोगों और उन लोगों की सेवा करने में सक्षम होने से बड़ी कोई भावना नहीं है, जिनसे आप कभी नहीं मिलेंगे, जिन्हें आप संभवतः जानते भी नहीं हैं, जिनके जीवन को आप बिना देखे प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।’
उन्होंने किसी भी अनजाने में हुई गलतियों या गलतफहमी के लिए माफी मांगते हुए कहा, ‘अगर मैंने कभी किसी को ठेस पहुंचाई है, तो मैं आपसे क्षमा चाहता हूं।’ एससीबीए अध्यक्ष कपिल सिब्बल ने सीजेआई को एक असाधारण पिता का असाधारण बेटा बताया। उन्होंने कहा, ‘मैंने इस न्यायालय में 52 वर्षों से वकालत की है और मैंने अपने जीवन में कभी भी ऐसा कोई न्यायाधीश नहीं देखा जिसमें आप, हमेशा मुस्कुराते रहने वाले डॉ. चंद्रचूड़ जैसा असीम धैर्य हो।’








