
भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने याद दिलाया कि उनके बेटे ने अपनी फरारी पाने का मौका गंवा दिया। आर्यवीर तीन रन से अपना तिहरा शतक चूक गए। आर्यवीर ने कूच बिहार ट्रॉफी में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हुए मेघालय के खिलाफ 297 रन की मैराथन पारी खेली जिसमें 51 चौके और तीन छक्के शामिल हैं। सहवाग का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर 319 रन हैं।
याद दिला दें कि 2015 में सहवाग ने वादा किया था कि उनका बेटा अगर पूर्व भारतीय ओपनर के 319 रन के रिकॉर्ड को तोड़ देगा तो वो उसे फरारी कार गिफ्ट करेंगे।
वीरू का वायरल पोस्ट
वीरेंद्र सहवाग ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शुक्रवार को पोस्ट किया, ”शानदार खेले आर्यवीर सहवाग। 23 रन से फरारी चूक गए। मगर शाबाश, अपनी आग जलाए रखो और आप ज्यादा से ज्यादा डैडी शतक और दोहरे व तिहरे शतक जमाए। खेल जाओ।” इस पोस्ट के साथ ही वीरू ने बेटे आर्यवीर का फोटो और पारी के स्कोरकार्ड का फोटो शेयर किया।

सहवाग पहले भारतीय बल्लेबाज
याद दिला दें कि वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जमाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे। 2004 में मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ वीरू ने 309 रन की पारी खेली थी। चार साल बाद वीरेंद्र सहवाग ने अपना ही टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
2008 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सहवाग ने 319 रन बनाए थे। वह इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जमाए थे। अपनी आक्रामक और मनोरंजक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले सहवाग ने नियमित रूप से बेटे आर्यवीर का समर्थन किया और उन्हें खेलने के लिए प्रोत्साहित किया।
दिल्ली के सामने मेघालय के बुरे हाल
बता दें कि आर्यवीर सहवाग ने कूच बिहार ट्रॉफी के मैच में अपने साथी ओपनर अर्णव बग्गा के साथ 180 रन की साझेदारी की। अर्णव के विकेट के बावजूद आर्यवीर ने शानदार खेल जारी रखा और धन्य नकरा के साथ 246 रन की विशाल साझेदारी की। आर्यवीर की पारी का अंत 107वें ओवर में आरएस राठौड़ ने किया।
दिल्ली ने अपनी पारी 623/5 के स्कोर पर घोषित की। इसके जवाब में मेघालय की पहली पारी केवल 260 रन पर सिमट गई। इस तरह दिल्ली को पहली पारी के आधार पर 363 रन की बढ़त मिली।








