
केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता नितिन गडकरी ने जाति के नाम पर चुनाव जीतने वाले नेताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है और कहा है कि ऐसे नेता चुनाव जीतने के बाद कुछ नहीं करते। उन्होंने पूछा कि मुझे एक उदाहरण बताइए जब किसी ने जाति के नाम पर चुनाव जीता हो और फिर अपने समुदाय के कल्याण के लिए काम किया हो।
गडकरी ने पूछा- एक उदाहरण बता दीजिए
गडकरी ने कहा कि मुझे एक उदाहरण बताइए, जब किसी ने जाति के नाम पर चुनाव जीता हो और फिर अपने समुदाय के कल्याण के लिए काम किया हो? चुनाव जीतने के बाद वे अपनी पत्नी और बच्चों के लिए टिकट मांगते हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को गरीबों, युवाओं, किसानों, महिलाओं के कल्याण और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए। गडकरी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कभी जाति के बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि राजनीति मेरा पेशा नहीं है। यह सामाजिक-आर्थिक सुधार का एक साधन है।
बच्चों के विचार का किया समर्थन
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सामाजिक सेवा और अच्छे काम से जनता का समर्थन जीतने में मदद मिलेगी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की 3-बच्चों की वकालत पर गडकरी ने कहा कि हालांकि वह इस विचार से सहमत हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि देश में जनसंख्या वृद्धि को भूमि, पानी, बिजली और अन्य संसाधनों के साथ जोड़कर देखा जाए।








