मंत्रालय से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक इस पहल को रफ्तार देने का फैसला इसलिए भी लिया गया है, क्योंकि अब देश भर में 660 नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र खुल चुके है। जिन जिलों में ऐसे केंद्र नहीं है, वहां भी स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर जल्द ही ऐसे केंद्र खोलने की तैयारी है। इस सभी केंद्रों की जियो टैगिंग भी की गई है, ताकि लोगों को इन केंद्रों तक पहुंचने मे आसानी हो। इसके साथ ही राज्य सरकारों की मदद से सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इसके उपचार केंद्र खोले गए है।