बिहार चुनाव 2025: जमालपुर में दबदबा के लिए धमाल

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बिहार चुनाव 2025: जमालपुर में दबदबा के लिए धमाल

जमालपुर विधासभा सीट पर 2020 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को यह जीत 58 साल बाद मिली थी। इस बार रालोद का साथ मिलने से एनडीए और मजबूत हुआ है। ऐसे में कांग्रेस के लिए दोबारा जीतना मुश्किल होगा।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान जमालपुर विधानसभा सीट पर भी कांटे की टक्कर रहने की उम्मीद है। 2020 के चुनाव में भी यहां कांग्रेस और जेडीयू उम्मीदवार के बीच कड़ा मुकाबला था। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार ने लगभग चार हजार वोट के अंतर से जीत हासिल की थी। जेडीयू की इस हार में सबसे बड़ा योगदान चिराग पासवान की पार्टी रालोद का था। रालोद उम्मीदवार ने जेडीयू के वोट काटे थे। इसका फायदा कांग्रेस को मिला था। जीत-हार का अंतर रालोद उम्मीदवार को मिले वोट से कम था। इससे साफ है कि अगर रालोद इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारती तो जेडीयू की जीत तय थी।

इस बार रालोद वाली भूमिका में प्रशांत किशोर नजर आ रहे हैं। वह पूरे राज्य में घूमकर यात्रा कर चुके हैं और थर्ड फ्रंट के रूप में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। हालांकि, बिहार में असली मुकाबला एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच ही होना है, लेकिन प्रशांत किशोर की पार्टी वोट जरूर काटेगी और जिस गठबंधन के उम्मीदवार के ज्यादा वोट कटेंगे, उसके विपक्षी के जीतने की संभावना बढ़ जाएगी।

कब किसे मिली जीत?

जमालपुर विधानसभा सीट की स्थापना 1951 में हुई थी। यह मुंगेर लोकसभा सीट में शामिल छह विधानसभाओं में से एक है। अब तक यहां 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और सबसे ज्यादा चार बार जीत कांग्रेस और जेडीयू को मिली है। कांग्रेस ने यहां शुरुआती चुनावों में जीत हासिल की थी, लेकिन इसके बाद पार्टी ने यहां अपनी जमीन खो दी। साल 2020 में कांग्रेस ने 58 साल बाद जीत दर्ज की। जनता पार्टी और जनता दल ने दो-दो बार यह विधानसभा सीट जीती है। वहीं, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भाजपा, लोक दल और राष्ट्रीय जनता दल ने एक-एक बार इस सीट पर कब्जा किया है।

क्या हैं मौजूदा समीकरण?

जमालपुर में भले ही कांग्रेस पिछला विधानसभा चुनाव जीती हो, लेकिन यहां एनडीए मजबूत स्थिति में है। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान भी एनडीए उम्मीदवार को इस विधानसभा क्षेत्र से बढ़त मिली थी। ऐसे में इस बार भी एनडीए का पलड़ा ही भारी नजर आता है। हालांकि, प्रशांत किशोर समीकरण बिगाड़ सकते हैं, लेकिन सबसे मजबूत स्थिति में एनडीए गठबंधन ही नजर आ रहा है

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Author: Red Max Media

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