
इस पहल के तहत ई-स्टाम्पिंग, ई-हस्ताक्षर, ऑनलाइन भुगतान, वास्तविक समय सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड का उपयोग किया जाएगा। सरकार का ध्यान सभी प्रक्रियाओं को तीव्र, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर है।
महाराष्ट्र में आज से इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड शुरू हो रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड से आयातकों और निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल पर राज्य सरकार के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के माध्यम से कस्टम ई-बॉन्ड (एकल एकीकृत बहुउद्देश्यीय इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड-SEB) की अत्याधुनिक प्रणाली शुक्रवार को शुरू की जाएगी।
और आसान हो जाएगी प्रक्रिया
यह प्रणाली राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा लिमिटेड (NESL) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के तकनीकी सहयोग से विकसित की गई है। इससे आयातकों और निर्यातकों के लिए सीमा शुल्क प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और आसान हो जाएगी।
डिजिटल रिकॉर्ड का होगा उपयोग
इस पहल के तहत, ई-स्टाम्पिंग, ई-हस्ताक्षर, ऑनलाइन भुगतान, रीयल-टाइम सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड का उपयोग किया जाएगा और सभी प्रक्रियाएं तेज, सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएंगी। इसके अलावा, कानूनी स्टाम्प शुल्क का सीधे ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगी मजबूती
यह निर्णय उद्योग क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि इससे लेन-देन में लागत और समय की बचत होगी और दस्तावेजों की जटिलता भी काफी हद तक कम होगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की इस पहल से राज्य सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार सुगमता) के उद्देश्य को मजबूती मिलेगी और महाराष्ट्र की डिजिटल इंडिया पहल को बल मिलेगा।








