
गुजरात में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार 7 अक्तूबर से ‘विकास सप्ताह’ कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। ये कार्यक्रम 15 अक्टूबर तक चलेगा। आइए जानते हैं कि इस कार्यक्रम में क्या होगा खास।
गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के 24 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विकास सप्ताह का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन 7 अक्टूबर से लेकर 15 अक्तूबर तक होगा। गुजरात सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, विकास सप्ताह के दौरान पूरे राज्य में विभिन्न परियोजनाएं शुरू की जाएंगी और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आइए जानते हैं कि इस कार्यक्रम में क्या होगा खास।
2001 में शुरू हुई थी विकास यात्रा- मंत्री ऋषिकेश पटेल
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सोमवार को कहा कि मोदी ने पहली बार सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और फिर 2014 में प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने जानकारी दी है कि “गुजरात की विकास यात्रा, जो 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुई थी, उसके 24 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर, राज्य सरकार 7 से 15 अक्टूबर तक विकास सप्ताह मनाएगी, जिसमें पूरे राज्य में विभिन्न जनहितैषी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।”
क्या आयोजन होंगे?
स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया है कि विकास सप्ताह के दौरान हर दिन अलग-अलग विषय पर 10 विभागों की भागीदारी के साथ मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विधानसभा परिसर में ‘भारत विकास शपथ’ लेंगे। ठीक इसी तरह राज्य के सभी जिलों में जिलाधिकारी कार्यालयों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में शपथ ली जाएगी।
मंत्री ऋषिकेश पटेल ने जानकारी दी है कि विकास सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर प्रमुख योजनाओं की प्रदर्शनी, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता, स्कूल-कॉलेज में निबंध प्रतियोगिताएं, व्याख्यान शृंखला, महत्वपूर्ण स्थानों पर पदयात्राएं और दैनिक नमोत्स्व सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा के साथ एक विशेष पॉडकास्ट भी आयोजित किया जाएगा, जबकि वडोदरा में युवा भागीदारी पर एक विचार-मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें 1,000 से अधिक छात्र हिस्सा लेंगे और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर विचार-विमर्श करेंगे।








