नगर निकाय चुनाव पर झारखण्ड हाई कोर्ट के सवाल

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झारखंड हाई कोर्ट

झारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य चुनाव आयोग से जानना चाहा कि वह राज्य में नगर निकाय चुनाव कब तक करा पाएगा।

झारखंड हाई कोर्ट ने मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल किया कि वह राज्य में नगर निकाय चुनाव कब तक कराएगा। न्यायालय ने आयोग को आदेश दिया कि वह राज्य में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव कराने की तारीख बताए। न्यायमूर्ति आनंद सेन हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद चुनाव नहीं कराने पर पूर्व वार्ड पार्षद रोशनी खाल्को द्वारा सरकार के खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।

10 नवंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई

सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना दादेल और शहरी विकास विभाग के सचिव ज्ञानेंद्र कुमार अदालत में उपस्थित थे। पीठ ने अधिकारियों की खिंचाई की और राज्य भर में नगर निकायों के चुनाव कराने की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया। अदालत 10 नवंबर को मामले की पुनः सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पीठ को बताया कि नगर निगम चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बी.एड की डिग्री वाले उम्मीदवारों पर विचार के आदेश पर रोक

इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने सोमवार को एकल न्यायाधीश की पीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य के कर्मचारी चयन आयोग को सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दो वर्षीय बी.एड डिग्री रखने वाले आवेदकों की उम्मीदवारी पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। जेएसएससी ने न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ के 14 जुलाई के आदेश को हाई कोर्ट की खंडपीठ के समक्ष चुनौती देते हुए कहा कि इसे लागू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और यह आयोग के मानदंडों के विरुद्ध है।

हाई कोर्ट ने दो वर्षीय बी.एड डिग्री धारक अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट हलफनामा दाखिल कर यह बताने का आदेश दिया कि उन्होंने सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए परीक्षा में शामिल होने के लिए कब आवेदन किया था। आयोग ने 2023 में सरकारी स्कूलों में गणित और विज्ञान विषयों के सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था।

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Author: Red Max Media

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