
दिल्ली एनसीआर में जम्मू-कश्मीर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी और राहत संगठन जम्मू-कश्मीर के सहयोग से आयोजित एक सप्ताह का आउटरीच शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शिविर में आयुष्मान भारत योजना के तहत 400 से अधिक कश्मीरी हिंदू परिवारों का नामांकन किया गया।
दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के सहयोग से राहत संगठन जम्मू-कश्मीर की ओर से द्वारा आयोजित सप्ताह भर का आउटरीच शिविर संपन्न हो गया।
यह आउटरीच शिविर नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुड़गांव और अन्य क्षेत्रों में आयोजित किया गया, जहां आयुष्मान भारत योजना के तहत 400 से अधिक नए कश्मीरी हिंदू परिवारों का नामांकन किया गया और पहले से नामांकित कई परिवारों के सदस्यों को जोड़ा गया।
इन विशेष शिविरों में राहत संगठन द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी भी दी गई। यह शिविर राहत एवं पुनर्वास आयुक्त जम्मू-कश्मीर डा. अरविंद करवानी की देखरेख में आयोजित किया गया, जिन्हें सहायक आयुक्त राहत कैलाश देवी, एसएचए और राहत संगठन के अधिकारियों ने सहयोग दिया।
डा. करवानी ने नई दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ताओं और कश्मीरी प्रवासियों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और कश्मीर में प्रवासियों की अचल संपत्तियों, प्रवासियों का एक मजबूत डेटाबेस तैयार करने और राहत संगठन द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाओं से संबंधित उनके सुझावों शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना।
यह आम मांग थी कि भविष्य में इस तरह के और अधिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। डा. करवानी ने बड़गाम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए दिल्ली के सहायक निर्वाचन अधिकारी के साथ नई दिल्ली में रहने वाले कश्मीरी हिंदू मतदाताओं की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
डा. करवानी ने सहायक निर्वाचन अधिकारी और उनकी टीम को प्रवासियों तक पहुंचने, मतदाता जागरूकता पैदा करने और सुचारु मतदान प्रक्रिया के लिए उन्हें हर संभव सुविधा प्रदान करने पर जोर दिया। उन्हें बताया गया कि दिल्ली में कश्मीरी मतदाताओं की सुविधा के लिए चार विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।








