
नक्सलियों ने 9 और 10 अक्टूबर को ब्लास्ट कर पुलिया को उड़ा दिया था। नक्सली हमले में कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। एक कोबरा कमांडो की मौत भी हुई थी।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल से नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के दो सक्रिय सदस्यों को सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि छोटानागरा थाना क्षेत्र के राखामाटी के पास 9 और 10 अक्टूबर को नक्सलियों द्वारा पुलिया को आईईडी ब्लास्ट कर उड़ाया गया था। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों के बारे में सुराग मिला। तत्पश्चात छापेमारी कर दोनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
एसपी ने कहा कि जांच अभी जारी है और इस घटना में शामिल अन्य नक्सलियों की भी पहचान की जा रही है। उन्होंने नक्सली संगठनों से जुड़े लोगों से अपील की कि वे मुख्यधारा में लौटें और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
पश्चिमी सिंहभूम जिले के जेटेया थाना क्षेत्र से सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के छिपाए गए भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किए हैं। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान यह सफलता पुलिस, सीआरपीएफ 174 बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम को मिली है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जेटेया थाना क्षेत्र के बुरूबोड़ता जंगल में सर्च अभियान चलाया गया।
इंसास राइफल, 460 जिंदा कारतूस मिले
17 अक्टूबर को अभियान के दौरान बम निरोधक दस्ते की सहायता से इलाके से बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया। बरामद सामानों में एक इंसास राइफल, 460 जिंदा कारतूस, चार इंसास राइफल के मैगजीन, दो एसएलआर मैगजीन, दो राइफल मैगजीन, नौ खाली चार्जर, दो सीलिंग सिरिंज, पिट्ठू बैग, कंबल, नक्सली पर्चे, नोटबुक और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं।
पुलिस का बयान
एसपी अमित रेनू ने बताया कि नक्सली इन हथियारों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की योजना में कर सकते थे। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है और जल्द ही और भी सफलता मिलने की संभावना है। पुलिस अधीक्षक ने नक्सलियों से अपील की कि वे झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौट आएं और सामान्य जीवन जिएं।








