
जापान में साने ताकाइची देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं।
जापान की संसद ने मंगलवार को अति-रूढ़िवादी साने ताकाइची को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुना है। ‘लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी’ की प्रमुख 64 वर्षीय ताकाइची प्रधानमंत्री के रूप में शिगेरु इशिबा की जगह लेंगी, जिन्हें 2 बार चुनावी हार के बाद मजबूरन इस्तीफा देना पड़ा था। इससे पहले जापान में सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने ‘#चेंजएलडीपी’ नारे के तहत साने ताकाइची को अपना नया नेता चुना था। जापान के लिए यह ऐतिहासिक घटना है। साने ना सिर्फ एलडीपी की नेता चुनी जाने वाली पहली महिला हैं, बल्कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के काल की उन चुनिंदा नेताओं में भी शामिल हैं, जिन्होंने कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि ना होने के बावजूद सियासी जगत में ऊंचा मुकाम हासिल किया है।
QUAD की हिमायती हैं साने
विदेश नीति के मामले में साने पूर्व प्रधानमंत्री आबे के “स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र” के दृष्टिकोण का समर्थन करती हैं। वह अमेरिका और चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) से गहन सहयोग की हिमायती हैं। क्वाड ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के बीच एक कूटनीतिक साझेदारी है, जो एक स्थिर, शांतिपूर्ण, समृद्ध, समावेशी और लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। साने क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के बीच मजबूत संबंधों की भी वकालत करती हैं। चीन और उत्तर कोरिया के खिलाफ उनका आक्रामक रुख इसी एजेंडे की पुष्टि करता है। उन्होंने रक्षा खर्च बढ़ाने का संकल्प लिया है। मौजूदा समय में जापान का रक्षा बजट उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 1.8 प्रतिशत है।








