
हमास को चेतावनी देने के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस गाजा पीस प्लान को लेकर फिर बड़ा बयान दिया है। वेंस ने कहा है कि उम्मीद से बेहतर नजर आ रहे हैं और शांति लंबे समय तक कायम रहेगी।
इजरायल और हमास के बीच हुए सीजफायर के बाद हालात का जायजा लेने के लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप के प्रशासन के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ तेल अवीव में हैं। हाल ही में जेडी वेंस ने हमास को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर हमास सहयोग नहीं करता है तो उसे मिटा दिया जाएगा। इतना ही नहीं वेंस ने युद्ध विराम समझौते को लेकर भी इजरायल से थोड़ा धैर्य रखने को कहा था।
‘सीजफायर पर उम्मीद से बेहतर हुई प्रगति’
अब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस गाजा सीजफायर को लेकर आशावादी रुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्थिति उम्मीद से बेहतर है। वेंस ने इजरायल में नागरिक और सैन्य सहयोग के लिए बने नए केंद्र का दौरा करने के बाद यह बात कही है। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल में हिंसा की कुछ घटनाएं हुई हैं लेकिन 2 साल तक चले इजरायल-हमास युद्ध के बाद लागू युद्धविराम को लेकर उम्मीद से बेहतर प्रगति है। वेंस ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह शांति लंबे समय तक कायम रहेगी।
अब भी नहीं मिले हैं कई सवालों के जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा, ‘‘हम वहां तक पहुंच चुके हैं, जहां तक अब तक पहुंचने की हमने कल्पना नहीं की थी।’’ वेंस, विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर सीजफायर पर मंडरा रहे खतरे के बीच इजरयइल पहुंचे थे। युद्ध विराम समझौते के बीच अब भी सवाल बने हुए हैं कि क्या हमास हथियार छोड़ेगा, गाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल कब और कैसे तैनात किया जाएगा, युद्ध के बाद इस क्षेत्र पर कौन शासन करेगा।
क्या बोले ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर?
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर ने सीजफायर को लेकर कहा, ‘‘दोनों पक्ष 2 साल की भीषण लड़ाई से अब शांति की स्थिति में आने की कोशिश कर रहे हैं।’’ वेंस बृहस्पतिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं।
कब लागू हुआ सीजफायर?
इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम 10 अक्टूबर से लागू हुआ था। हालांकि, इसके बाद भी गाजा में हमले हुए और इजरायल के सैनिकों का निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं के बीच गाजा में सीजफायल को लेकर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। इसके बावजूद इजरायल और हमास दोनों ने कहा है कि वो इस समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं।








