
अफगानिस्ता में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई है। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के झटके राजधानी काबुल और उसके आसपास के इलाकों में महसूस किए गए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के मुताबिक, यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 6:09 बजे आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से करीब 80 किलोमीटर गहराई में था। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
अफगानिस्तान में लगातार आ रहे हैं भूकंप
अफगानिस्तान में पिछले कुछ महीनों में कई बार धरती कांपी है। मंगलवार (21 अक्टूबर) तड़के भी 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इससे पहले 17 अक्टूबर को उत्तरी अफगानिस्तान में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था। हाल के दिनों में इसी साल एक सितंबर को अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी। भूकंप का केंद्र जालालाबाद से 27 किलोमीटर दूर, 10 किलोमीटर गहराई पर था।
अफगानिस्तान में क्यों बार-बार आते हैं भूकंप?
बता दें कि, अफगानिस्तान हिंदू कुश क्षेत्र में है जो टेक्टॉनिक्स प्लेट का सक्रिय जोन है। यहां इंडियन प्लेट का यूरोएशियन प्लेट से टकराव होता है। पिछले 10 सालों में 300 किलोमीटर के दायरे में 10 भूकंपों की तीव्रता 6.0 से ऊपर रही है। 2015 में 7.5 तीव्रता वाला घातक भूकंप आया था। 2023 में 6.3 तीव्रता वाला भूकंप आया था जिसमें 1,500 लोगों की मौत हो गई थी।
भूकंप आते क्यों हैं?
बता दें कि, पृथ्वी के अंदर कुल सात टेक्टोनिक प्लेट्स मौजूद हैं। ये टेक्टोनिक प्लेट्स जब फॉल्ट लाइन से टकरा जाती हैं तो घर्षण उत्पन्न होता है और ऊर्जा बाहर निकलती है। यही कारण है कि धरती पर भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता के बारे में जानें?
- 0 से 1.9 सीज्मोग्राफ से मिलती है जानकारी
- 2 से 2.9 बहुत कम कंपन पता चलता है
- 3 से 3.9 ऐसा लगेगा कि कोई भारी वाहन पास से गुजर गया
- 4 से 4.9 घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है
- 5 से 5.9 भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है
- 6 से 6.9 इमारत का बेस दरक सकता है
- 7 से 7.9 इमारतें गिर जाती हैं
- 8 से 8.9 सुनामी का खतरा, ज्यादा तबाही
- 9 या ज्यादा सबसे भीषण तबाही, धरती का कंपन साफ महसूस होगा








