
तुर्की अपनी सैन्य क्षमता का विस्तार करने जा रहा है…राष्ट्रपति एर्दोगन ने कतर और ओमान से इसके लिए यूरोफाइटर टाइफून जेट खरीदने का ऐलान किया है।
तुर्की ने बढ़ती वैश्विक गतिविधियों और विभिन्ने देशों के बीच आए दिन होने वाले संघर्ष को देखते हुए अब अपनी वायुसेना की क्षमता बढ़ाने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसके तहत तुर्की कतर और ओमान से प्रयुक्त यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमान खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है। राष्ट्रपति रेसेप तैय्येप एर्दोगन ने शुक्रवार को जारी बयान में यह जानकारी दी।
यूरोफाइटर टाइफून जेट कहां बनता है
राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने कहाकि तुर्की दर्जनों यूरोफाइटर और अन्य उन्नत जेट खरीदने का लक्ष्य रखता है, ताकि स्वदेशी रूप से विकसित पांचवीं पीढ़ी के केएएएन लड़ाकू विमान के परिचालन होने तक अपनी बेड़े को मजबूत किया जा सके। जुलाई में तुर्की और ब्रिटेन ने यूरोफाइटर टाइफून की बिक्री के लिए प्रारंभिक समझौता किया था, जिनका निर्माण ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और स्पेन के संघ द्वारा होता है।
क्या है यूरोफाइटर टाइफून जेट?
यूरोफाइटर टाइफून जेट एक आधुनिक, चौथी पीढ़ी का ट्विन-इंजन, डेल्टा विंग वाला मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे यूरोप के चार देशों यानि ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और स्पेन के संयुक्त संघ यूरोफाइटर जग्दफ्लुग्ज़ॉयग जीएमबीएच द्वारा विकसित किया गया है। यह ब्रिटिश एयरोस्पेस (अब बीएई सिस्टम्स), एयरबस, लियोनार्डो जैसी कंपनियों का सह-उत्पादन है। इसकी अधिकतम गति 2,495 किमी/घंटा है।
मुख्य भूमिकाएं
- एयर सुपीरियरिटी – दुश्मन के विमानों को मार गिराना
- ग्राउंड अटैक – जमीन पर लक्ष्य नष्ट करना
- समुद्री हमला – जहाजों पर हमला
- इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर – रडार जैमिंग
एर्दोगन का ऐलान
हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, तुर्की सरकार अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए खाड़ी देशों से सेकेंड-हैंड जेट हासिल करने की भी कोशिश कर रही है। एर्दोगन ने गुरुवार को कतर और ओमान की यात्रा से लौटते विमान में पत्रकारों से कहा, “हमने कतर और ओमान के साथ यूरोफाइटर युद्धक विमानों की खरीद को लेकर चल रही बातचीत पर चर्चा की। शुक्रवार को जारी प्रतिलिपि के अनुसार, उन्होंने कहा, “यह तकनीकी रूप से विस्तृत मामला सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
एर्दोगन ने कई रक्षा समझौतों पर किया हस्ताक्षर
कुवैत, कतर और ओमान की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान एर्दोगन ने रक्षा क्षेत्र सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, उनके कार्यालय ने बिना विवरण दिए बताया। नाटो सदस्य तुर्की अमेरिका के नेतृत्व वाले एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम में वापसी की भी कोशिश कर रहा है, जिसमें से 2019 में रूसी एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के बाद उसे हटा दिया गया था।
अमेरिका से एफ-35 विमान भी पाना चाहता है तुर्की
अमेरिका ने एफ-35 कार्यक्रम के लिए सुरक्षा जोखिम का हवाला दिया था। एर्दोगन ने पिछले महीने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान कार्यक्रम में तुर्की के पुनःप्रवेश का मुद्दा उठाया था। तुर्की अधिकारियों ने कहा है कि देश कुल 120 लड़ाकू विमान हासिल करने की योजना बना रहा है। इसमें 40 यूरोफाइटर, 40 अमेरिकी एफ-16 और 40 एफ-35 जो केएएएन के 2028 में सबसे जल्दी सेवा में आने तक संक्रमणकालीन बेड़ा होंगे।








