मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी

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प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी, गेहूं के समर्थन मूल्य पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देगी सरकार

मध्य प्रदेश में सरकार किसानों से गेहूं 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को खुशखबरी दी है। मध्य प्रदेश सरकार साल 2025-26 में गेहूं को 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में गेहूं की खरीद 15 मार्च से शुरू हो जाएगी।

खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने दी ये जानकारी

खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि गेहूं की फसल की कटाई पूर्ण नहीं होने और मंडियों में आ रहे गेहूं को भारत सरकार द्वारा निर्धारित नमी के प्रतिशत से अधिक होने के कारण किसानों को असुविधा से बचाने के लिए यह निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। किसानों को मध्य प्रदेश सरकार देगी 175 रुपये बोनस देगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली किसान हितैषी प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं उत्पादक किसानों के हित में बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य 2425 रूपये के अतिरिक्त 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है। राज्य के किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जायेगी।

80 लाख मेट्रिक टन गेहूं की खरीद संभव

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 80 लाख मेट्रिक टन गेहूं का खरीद करना अनुमानित है। इस खरीद पर समर्थन मूल्य की राशि 19,400 करोड़ रूपये और बोनस की राशि 1400 करोड़ रूपये का किसानों को भुगतान किया जाना संभावित है।

एफसीआई और राज्य सरकार की एजेंसियां खरीद सकती हैं गेहूं

बता दें कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अप्रैल से शुरू होने वाले 2025-26 रबी विपणन सत्र के लिए 3.1 करोड़ टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया। कृषि मंत्रालय ने फसल वर्ष 2024-25 (जुलाई-जून) में 11.5 करोड़ टन रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है। अप्रैल से शुरू होने वाले 2025-26 रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले और कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतें पूरी हों, यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य एजेंसियां ​​गेहूं की खरीद करती हैं।

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Author: Red Max Media

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